दुदही। दशहवा के टोला पुष्पकनगर में बाढ़ पीड़ितों को बसाने के मामले में डीएफओ ने गांव के लोगों को आठ सितंबर को अपना पक्ष रखे जाने के बुलाया था, लेकिन हाईकोर्ट में जाने की वजह से सुनवाई टाल दी गई। अब 15 सितंबर को गांव के लोगों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है।
दुदही ब्लॉक के भगवानपुर, सेमरहवा, सीहोरवा, खुरहुरिया, केदार मिश्र टोला, बनरही, गोखुला, किसुनवा, रक्तहिया, हसुअई, कैथवलिया समेत कई गांव वर्ष 1960 में नारायणी नदी की कटान के बाद 125 लोगों को बसाया गया। 1978 की कटान में इन्हीं गांव में दोबारा नदी ने कटान की तो करीब 500 घर नदी में विलीन हो गया था। इन बाढ़ पीड़ितों को 1981 में पडरौना के तत्कालीन एसडीएम पुष्पक शर्मा ने बैकुंठपुर कोठी और दशहवा गांव में बसा दिए। उस समय जमीन बंजर के नाम से थी। सभी लोगों को तीन-तीन डिसमिल जमीन दिया गया। बैकुंठपुर कोठी के लोगों को नाम से पट्टा कर दिया गया, लेकिन पुष्कर नगर के लोगों का पट्टा नहीं हो सका, जो जमीन उस वक्त बंजर की थी। इस टोला में 500 से अधिक लोगों का घर बन चुका है। अब इन 400 से अधिक लोगों को वन विभाग की तरफ से घर हटवाने के लिए नोटिस पहुंचा। नोटिस मिलने के बाद लोगों में खलबली मची है। डीएफओ का हाईकोर्ट में किसी मामले में उपस्थित होने के कारण टाल दिया गया। ग्रामीणों को नोटिस के माध्यम से सूचना दिया गाया कि अब 15 सितंबर को आकर अपना पक्ष रखें।