-रजिस्टेशन नहीं होने से आशा कार्यकर्ताओं का नहीं पूरा हो रहा आकड़ा
पडरौना। आभा आईडी नहीं बनवाने वाले लोग सरकारी योजना से वंचित हो सकते हैं। इसलिए आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से आभा आईडी अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन कुशीनगर में 50 से अधिक ऐसे गांव हैं, जहां मोबाइल का नेटवर्क कमजोर होने के कारण आभा आईडी के लिए रजिस्ट्रेशन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में सप्ताह में एक दिन कैंप लगवाने की योजना बनाई जा रही है।
जिले में आभा आईडी बनाने की रफ्तार कमजोर पड़ती नजर आ रही है। आशा कार्यकर्ताओं के अलावा सीएचओ, एएनएम को आभा आईडी बनवाने के लिए निर्देश दिया गया है। ई- संजीवनी और ई कवच के माध्यम से कार्ड ऑनलाइन बनवाना है। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में आभा आईडी बनाने की प्रगति काफी सुस्त है। शासन की मंशा है कि आभा आईडी के जरिये ही ओपीडी में आने वाले मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया जाए। आभा आईडी जिसका नहीं बनेगा उन्हें कई सरकारी योजनाओं से भी वंचित होना पड़ सकता है।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि आभा आईडी बनाने का निर्देश दिया गया है, लेकिन लक्ष्य के हिसाब से अभी बन नहीं पा रहा है। कुछ गांवों में नेटवर्क की दिक्कत थी। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं का सिमकार्ड दूसरी कंपनी का देने का निर्देश दिया गया है। आभा आईडी बनने से हेल्थ रिकार्ड के बारे में इलाज करने वाले डॉक्टर को आसानी से जानकारी हो जाएगा। इससे इलाज करना आसान होगा।