पडरौना। तापमान में परिवर्तन के साथ दिन और रात के पारा में दो गुने का अंतर है। इस कारण सीजनल वायरल बीमारी के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज आने वाले ज्यादातर मरीज सर्दी-खांसी, बुखार, गले में खराश और बदन दर्द से पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों को डॉक्टर दवा देने के साथ ही उन्हें बचाव की भी जानकारी दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में वायरल बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में वृद्धि होती है। पांच दिनों तक दवा देने के साथ ही खानपान में विशेष परहेज करने की सलाह दी जा रही है।
मंगलवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 1252 मरीजों ने पंजीकरण कराने के बाद उपचार कराया। इसमें सर्वाधिक सर्दी-खांसी, बुखार, बदन दर्द और गले में खराश के मरीज रहे। मेडिसीन विभाग के डॉ. उपेंद्र चौधरी ने बताया कि दिन और रात के तापमान में अंतर के कारण सीजनल मरीजों की संख्या बढ़ी है। इन मरीजों में खांसी-सर्दी और बदन दर्द तथा गले में खराश जैसे लक्षण मिल रहे हैं। इससे मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। वर्तमान में बच्चों व बुजुर्गों पर मौसम परिवर्तन का असर देखने में मिल रहा है, जिसके चलते वह बीमार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि वायरल के मरीजों को तेज बुखार नहीं आता है, शरीर में दर्द रहता है। सर्दी-खांसी की समस्या में दवा लेने के साथ ही तीन दिन में आराम मिल जाता है। मरीजों को ठंडा खाना और पानी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। वायरल से बचने के लिए मुंह को ढंककर रखें। खासतौर पर भीड़-भाड़ वाली जगह पर जाते समय सावधानी रखें। हो सके तो मास्क का प्रयोग करें। खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल से ढकें। गंदगी से बचें और घर व आसपास सफाई रखें। खानपान पर विशेष ध्यान दें, जहां तक हो सके, इस मौसम में बाहर का या बासी खाना न खाएं।