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Kushinagar News: रोशनी से जगमग होगा एनएच, रात में सुगम होगा आवागमन

Sat, 04 Apr 2026 01:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कुशीनगर स्थित एनएच -28 के बीच डिवाइडर में लाइट के लिए बनाया जा रहा फाऊंडेशन।संवाद
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पडरौना। एनएच- 28 अब पकवा इनार से मल्लूडीह तक दूधिया रोशनी से जगमग होगा। इससे रात में वाहन चालकों को आवागमन में सहूलियत होगी। साथ ही हादसों में भी कमी आएगी। इस पर करीब 3.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसे पूरा होने में करीब पांच से छह माह का समय लगेगा। मौजूदा समय में लाइटें लगवाने के लिए उसके फाउंडेशन का काम चल रहा है। यह काम तीन फेज में पूरा किया जाएगा।
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एनएच-28 स्थित पकवा इनार से लेकर मल्लूडीह तक आए दिन हादसे होते रहते हैं। प्रशासन के मुताबिक, हादसों की एक वजह रात में सड़क पर अंधरे के चलते लोग सड़क पार करते हैं। अचानक किसी वाहन की चपेट में आकर घायल हो जाते हैं। लाइटें लगने से शाम होते ही पूरी सड़क दूधिया रोशनी से जगमग हो जाएगी। इससे आकर्षण भी बढ़ेगा। प्रथम फेज का काम शुरू हो गया है। पकवा इनार से फाउंडेशन तैयार करने का काम शुरू हो गया है, जो कुशीनगर फ्लाईओवर के आगे तक होना है। दूसरे और तीसरे फेज में मल्लूडीह तक लाइटें लगाई जाएंगी। नगर पालिका प्रशासन के अनुसार, करीब पांच से छह महीने में काम पूरा हो जाएगा।
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पालिका परिषद कुशीनगर की तरफ से डबल आर्म सिस्टम की लाइटें लगाई जाएंगी,इससे पूरे हाईवे पर रोशनी पहुुंचेगी, पकवा इनार से मल्लूडीह तक इसके लगने से रात में आकर्षण बढ़ जाएगा तो वहीं आवागमन में लोगों को सहूलियत मिलेगी। प्रथम फेज का काम शुरू हो गया है। इसके पूरे होने पर दूसरे फेज का काम आरंभ किया जाएगा। -राकेश जायसवाल, चेयरमैन प्रतिनिधि, नगर पालिका, कुशीनगर
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इन इंतजामों से कर सकते हैं हादसों पर अंकुश:-
पकवा इनार से मल्लूडीह के बीच अधिक हादसे होते रहते हैं। इन हादसों पर अंकुश लगाने के लिए सिर्फ लाइट लगाने से नहीं अंकुश लगाया जा सकता है। इसके लिए एनएच-28 पर और इंतजाम की जरूरत है। ये हम नहीं कह रहे हैं,चौराहों के लोगों का कहना है। उनका कहना है कि हादसों पर लगाम के लिए और इंतजाम करने होंगे, नहीं तो हादसों पर अंकुश लगाना मुश्किल हैं।
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पकवा इनार चौराहे के लोगों ने कहा
हादसों पर अंकुश लगाने के लिए अंडरपास व फुट ओवरब्रिज की जरूरत है। अगर ये सुविधा हो जाए तो सड़क पार करते समय यहां अक्सर हादसे होते हैं, कुछ हद तक उन पर लगाम लग जाएगा। एनएचएआई को चौराहों पर पेड़-पौधे लगाने की जरूरत नहीं है। इससे भी हादसे होते रहते हैं। -आर्यन राव, डुमरी
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बिहार की तरफ से आने वाले वाहन चालकों को झुंगवा कट के बाद आगे टर्न के चलते कोई दिखाई नहीं देता है, इस दौरान अचानक किसी के पहुंचने पर तेज रफ्तार वाहन को काबू में करना संभव नहीं होता है, परिणाम स्वरूप हादसे होते रहते हैं। पकवा इनार चौराहे पर हादसों की यह प्रमुख वजह है। डिवाइडर की ऊंचाई भी बहुत कम है। -धर्मराज सैनी, बाबा साहेब आम्टेनगर
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भैसहां हेतिमपुर से कुशीनगर तक हादसों के प्रमुख कारण
-डिवाइडर की ऊंचाई कम होना।
-आबादी वाली जगह पर अंडरपास का न होना।
- जल्दबाजी में मनमाने तरीके से हाईवे पार करना।
- ईंट रखकर हाईवे पार करने की लत।
-वाहनों की तेज रफ्तार व ओवरटेकिंग।
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एनएच-28 पर सुगम यातायात को लेकर लगातार काम कराया जा रहा है। साफ-सफाई सहित पेड़-पौधों की छंटाई कर उसे सही किए जाने का काम चल रहा है। असुविधा को दूर करने के लिए निरीक्षण कर उसे दूर किया जाता है। लोग जल्दबाजी में नियमों की अनदेखी कर आवागमन करते हैं,वह भी हादसे की वजह सामने आती रहती है। - ललित प्रताप पाल, पीडी, एनएचएआई, गोरखपुर
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