पटहेरवा। थाना क्षेत्र के पटहेरिया उर्फ शहदौली गांव के कब्रिस्तान से एक पखवाड़ा पहले किशोरी का शव गायब होने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। मृत किशोरी को जिंदा करने के लिए उसकी मां ने ही उसकी मौसी व दो अन्य लोगों के साथ मिलकर झाड़फूंक करने के लिए शव को निकाला था।
सुबह हो जाने पर शव को कब्रिस्तान से कुछ दूरी पर स्थित टावर के पास मंदिर के पीछे झाड़ियों में छोड़कर फरार हो गए थे। मामले में सात साल से कम सजा के प्रावधान चलते आरोपियों को छोड़ दिया गया। पटहेरिया उर्फ शहदौली निवासी बिस्मिल्लाह की 10 वर्षीय बेटी गुलफ्सा बीमार थी। गोरखपुर मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान 18 जुलाई की देर रात उसकी मौत हो गई। परिजन 19 जुलाई की दोपहर उसका शव गांव के कब्रिस्तान में दफना दिए। 21 जुलाई की सुबह उसका कब्र से शव गायब मिला और इसकी जानकारी होने पर गांववालों की काफी संख्या में भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस व ग्रामीणों ने कब्रिस्तान की झाड़ियों में करीब आठ घंटे तलाश की। इसके बाद शव कब्र से कुछ दूरी पर मिला। फाॅरेंसिक टीम भी घटना स्थल पर पहुंचकर जांच के लिए साक्ष्य जुटाया। शव के पास से दो नकाब और एक नीले रंग की साड़ी पुलिस ने बरामद किया था। मामले में किशोरी के पिता की तहरीर पर पुलिस अज्ञात के खिलाफ कब्रिस्तान से शव के साथ छेड़छाड़ करने का केस दर्ज किया था। बुधवार की दोपहर सीओ राकेश प्रताप सिंह ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि मृत किशोरी को जिंदा करने की नियत से वादी की पत्नी जुबैदा खातून, उसकी साली सुबैदा खातून निवासी धुरिया इमिलिया थाना तमकुहीराज के साथ मिलकर झाड़फूंक करने वाले तबारक निवासी बलुआ तकिया थाना पटहेरवा और सुगनू खां निवासी पटहेरिया के साथ मिलकर कब्र से शव बाहर निकाला था। सुबह हो जाने के चलते वह झाड़ियों में टावर के पास शव को छोड़कर भाग गए थे।