पडरौना। शहर के छावनी में संचालित एक निजी अस्पताल में हुई प्रसूता की मौत के मामले में परिजन लीपापोती का आरोप लगा रहे हैं। सीएमओ के आदेश पर शुरू हुई जांच एक माह बाद भी पूरी नहीं हो सकी। वहीं धड़ल्ले से निजी अस्पताल अभी भी संचालित हो रहा है। अभी तक की जांच में पता चला है कि मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टर ने आपरेशन किया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आपरेशन के दौरान बरती गई लापरवाही की पुष्टि भी हो गई है, लेकिन जांच टीम ने अभी तक रिपोर्ट नहीं सौंपी हैं, ताकि आगे की कार्रवाई हो सके। सेवरही नगर पंचायत के वार्ड नंबर 18 दीनदयाल नगर निवासी अमित राय की पत्नी स्मिता राय (30) को चार दिसंबर की रात को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन को सेवरही के एक निजी अस्पताल में काम करने वाला युवक पडरौना के छावनी में संचालित एक निजी अस्पताल में भेज दिया। रात को आपरेशन के बाद महिला ने जुड़वे बच्चे को जन्म दिया।
पांच दिसंबर की सुबह स्मिता की मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर परिजन करीब चार घंटे तक हंगामा किए, स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने के बाद घरवाले शव पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को दे दिए। अमित राय ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। पुलिस स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट मिलने पर प्राथमिकी दर्ज करने की बात कह टाल गई। जांच में कप्तानगंज के सीएचसी अधीक्षक डॉ. सूर्यभान कुशवाहा, महिला डॉ. रेनू मिश्रा, हाटा सीएचसी के एनेस्थिसिया डॉ. सुनील निषाद शामिल हैं।
जांच के कई बार टीम निजी अस्पताल पर पहुंची, बीएचटी कब्जे में लेकर जांच शुरू किया, पता चला कि मेडिकल कॉलेज में तैनात महिला डॉ. ने ऑपरेशन किया है, लेकिन घटना के बाद अचानक गायब होने से टीम से संपर्क नहीं हो सका। बाद में महिला डॉक्टर ने लिखित रूप से बयान जांच टीम को दिया, लेकिन अभी तक इसकी रिपोर्ट जांच टीम की ओर से सीएमओ को नहीं सौंपी गई है।
सूत्रों के मुताबिक विभाग में सेटिंग होने और एक सफेदपोश का संरक्षण मिलने के कारण जांच रिपोर्ट फाइलों में दबी है। अमित राय का आरोप है कि जांच में देरी कर लीपापोती किया जा रहा है। न्याय नहीं मिलने पर इसकी शिकायत मैं मुख्यमंत्री से करूंगा।