जौरा बाजार। क्षेत्र के नदवाबिशुनपुर में उद्योग विभाग की तरफ से कराए जा रहे निर्माण कार्यो की गुणवत्ता की पोल हो रही बरसात ने खोल दी है। आरसीसी सड़क में मोटी दरार पड़ गई है, तो दूसरी ओर बाउंड्री वाल के नीचे से मिट्टी के साथ इंटरलाॅकिंग की ईंट भी पानी के साथ बहकर निकलनी शुरू हो गई है।
नदवाबिशुनपुर में करीब 40 वर्ष पहले पोखरे के एक किनारे को ग्राम सभा की सहमति से उद्योग विभाग की तरफ से अधिग्रहण किया गया था। विभागीय सूत्रों ने बताया कि इस जमीन पर छोटे-छोटे उद्योग लगाए जाएंगे। पहले पूरी जमीन का बाउंड्री वॉल किया जाएगा। उसके बाद उद्योग लगाने के हिसाब से जमीन का आवंटन किया जाएगा। आवंटन के बाद ही कोई भी व्यक्ति उसमें उद्योग लगाएगा। जमीन को पहले विभाग की तरफ से समतलीकरण किया गया। साथ ही एक कमरे के निर्माण के साथ बिजली व्यवस्था की गई। उसके लिए भी बिजली के पोल तार लगाए गए। सभी व्यवस्थाएं पूरा कराने के बाद विभाग चुप्पी साध गया। कई वर्ष बाद अब पुन: विभाग की तरफ से अधिग्रहित भूमि की बाउंड्री, आरसीसी सड़क और नाली निर्माण का कार्य शुरू हुआ। लेकिन अलग-बगल का खेत नीचा होने के चलते ही जैसे ही बारिश शुरू हुई तो नवनिर्मित बाउंड्री के नीचे की मिट्टी बह गई हैं, वहीं इंटरलाॅकिंग कार्य भी जगह-जगह धंस गया है। इस संंबंध में जेई ने धर्मात्मा चौधरी ने बताया कि बाउंड्री वॉल का निर्माण पूरब, उत्तर और दक्षिण तरफ एक-एक मीटर छोड़कर बनवाई गई है। इसके बगल के काश्तकार काटकार खेत में मिला लिए है। उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।