पडरौना। परसौनी कला स्थित अनाथालय में रविवार को मधुर साहित्य सामाजिक काव्य संस्था की तरफ से 37वीं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने सामाजिक कुरीतियों पर करारा प्रहार किया। कार्यक्रम के अंत में अनाथालय में मौजूद 28 बच्चों में गर्म कपड़े बांटे गए। कपड़े पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुण कुमार सिंह ने कहा कि अपने सुुख सुविधाओं को लिए सभी जीते हैं लेकिन जो व्यक्ति दूसरों के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दे, उसे ही समाज याद करता है, क्योंकि निराश्रितों की सेवा करने से ईश्वर प्रसन्न होते हैं।
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद हेमंत सिंह ने ‘काश कोई मेरा सपना होता....’ कविता सुुनाई। फिरोज अश्क लक्ष्मीगंजवी ने ‘मां-बाप का कर्ज अगर चाहते हैं निभाना, अनाथ बच्चों को भी सीने से लगाना होगा.... ’कविता सुनाई। इसके बाद मधुसूदन पांडेय, उग्गम चौधरी, बलराम राय आदि कवियों ने कविताएं सुनाई।
कार्यक्रम के अंत में अनाथालय के सभी बच्चों में गर्म कपड़े बांटे गए। इस अनाथालय में 28 बच्चे हैं। इस मौके पर अनाथालय की संचालक सिरीन बसुमता, राजेश दुबे, सुभाष यादव, संदीप अग्रवाल, द्रोपदी पांडेय, आराधना पांडेय, रंभन सिंह बसुमता, सोनू अग्रवाल, सीमा अग्रवाल, गुंजन अग्रवाल, शशि अग्रवाल, मान्या अग्रवाल, ऋषिकेश पांडेय, शशि श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।