मंगरूआ गांव में बृहस्पतिवार को कई घरों में चूल्हे नहीं जले। चार लोगों की मौत से पूरा गांव सदमे में है। किसी से कुछ भी पूछने पर उसका गला भर जा रहा था। बृहस्पतिवार को दिन भर पूरा गांव भागवत और रामचंद्र के दरवाजे पर जुटा रहा।
बीते रविवार की रात को भागवत सिंह के घर गैस सिलिंडर फटने की घटना पूरे गांव के लिए काला अध्याय बन गई। लोगों को विश्वास ही नहीं हो रहा है कि उनके बीच के चार लोग अब इस दुनिया में नहीं रहे। बृहस्पतिवार की सुबह जब गांव के लोगों को इलाज के दौरान सभी घायलों के मरने की जानकारी हुई तो पूरा गांव सदमे में आ गया।
शाम को ममता देवी तथा उनके दोनों बेटों की जब अर्थी उठी तो हर किसी की आंखेें नम हो गई। जिस बच्चों को माँ की आंचल में होना था आज वह माँ के साथ ही अंतिम यात्रा पर थे।इस हृदय विदारक माहौल को देख कर कोई भी आपने आंखों के आंसू नहीं रोक पा रहा था। भागवत सिंह की बेटी अंजली का का रो-रो के बुरा हाल हो गया था। वह अपनी माँ और भाईयों की मौत की खबर मिलने के बाद से बदहवास हो गई है।
मंगरुआ पहुचें मंत्री, बंधाया ढांढस
मंगरूआ गांव में गैस सिलेंडर फटने से घायल हुए चार लोगों के मौत की जानकारी होने पर बृहस्पतिवार की देर शाम चिकित्सा शिक्षा एवं कृषि राज्यमंत्री राधेश्याम ने पीड़ित परिवारीजनों को ढाढ़स बंधाया। मंत्री ने परिवारीजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।