संयुक्त जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी कक्ष में सोमवार की सुबह इलाज के लिए लायी गई एक बुजुर्ग महिला की मौत समय पर ऑक्सीजन न मिलने के कारण हो गई। मृतका के परिवारवालों ने काफी देर तक अस्पताल में शोर शराबा कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका आरोप था कि इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही से बुजुर्ग महिला की मौत हुई।
विशुनपुरा थाना क्षेत्र के जंगल लाला छपरा (दुबौली बाजार) निवासी रामेश्वर कुशवाहा की माता गुलाबी देवी (72) को रात से ही श्वांस लेने में तकलीफ थी। परिवार के लोग उन्हें लेकर सोमवार को सुबह करीब दस बजे संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचे। रामेश्वर अपनी माता को लेकर इमरजेंसी कक्ष में तैनात डॉक्टर के पास गए। उनका आरोप था कि स्वास्थ्यकर्मियों ने उनकी मां को ऑक्सीजन देने के लिए मुंह पर मॉस्क तो लगा दिया, लेकिन ऑक्सीजन मशीन चालू करने वाली चाबी की कहीं गुम हो गई थी। बिना ऑक्सीजन के मॉस्क उनकी मां के मुंह पर लगाकर स्वास्थ्यकर्मी करीब आधे घंटे तक चाबी ढूंढते रहे। तब तक ऑक्सीजन न मिलने के कारण उनकी मां चल बसीं।
इसके लिए डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को जिम्मेदार मानते हुए मृतका के घरवालों ने इमरजेंसी कक्ष में हो हल्ला किया। उनका कहना था कि यदि सही ढंग से इलाज हुआ होता तो यह घटना नहीं होती। थोड़ी देर में रवींद्रनगर चौकी के पुलिसकर्मी भी पहुंच गए और लोगों को समझा बुझाकर शांत किया।
इस संबंध में संयुक्त जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लालता प्रसाद का कहना था कि यह आरोप गलत है। ऑक्सीजन चल रहा था। इसकी चॉबी वार्ड में थी, जिसे तत्काल मंगा लिया गया था। ऑक्सीजन की कमी के कारण महिला की मौत नहीं हुई।