रामकोला थानाक्षेत्र के कुस्मही गांव के निवासी शिव प्रसाद पटना के नगर निगम में कर्मचारी थे। तीन वर्ष पहले वह सेवानिवृत्त हो गए थे। किसी जरूरत से वह रविवार को पटना के लिए घर से निकले। शिवप्रसाद के मुताबिक सीवान के बाद उन्हें कुछ लोगों ने जबरदस्ती ट्रेन से नीचे उतार लिया और निर्ममतापूर्वक पीटने के बाद सीरिंज से उनके शरीर से खून निकाल लिया।
इस वजह से शिव प्रसाद अचेत हो गए। उसके बाद वह मंगलवार को पटना कैसे पहुंचे उन्हें पता नहीं चला। वहां मिले एक परिचित कर्मचारी ने बताया कि घर पर सूचना भेज दी गई है। बृहस्पतिवार को शिवप्रसाद की दोनों पुत्रियां पहुंचीं और उन्हें घर लेकर आईं।
शनिवार को उन्हें रामकोला के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अभी भी उनकी हालत में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। परिवार के लोगों की तरफ से इसकी कहीं शिकायत नहीं की गई है।