पडरौना। नवाब बनने के सपने लिए बेरोजगार युवाओं को जब अपने देश में नौकरी नहीं मिली तो उन्हें विदेश जाने का इरादा बनाया। कई युवक गल्फ देशों में पहुंचे भी, लेकिन वहां जाने के बाद उन्हें प्रताड़ना, परेशानी और धोखा मिला।
ऑफर लेटर में जिस नौकरी का जिक्र किया गया था, उसकी जगह दूसरे काम कराए गए। प्रताड़ना से तंग युवकों ने वतन वापसी की गुहार लगाई तो एजेंट ने भी उनका सहयोग करने के बजाए धमकी दी। देश लौटे कामगारों ने बताया कि प्रताड़ना के बाद भी वह परिवार की खुशी के लिए जैसे-तैसे गुलाम बनकर काम करते रहे, लेकिन जब पानी सिर के ऊपर पहुंचा तो उन्होंने वतन वापसी की ठानी और काफी मशक्कत के बाद उनकी वापसी हुई।
विदेश जाकर नवाबों जैसी जिंदगी जीने की चकाचौंध में युवा विदेश का रुख कर रहे हैं। इनमें से कई लोग विदेश जाने के बाद ऐशो-इशरत की जिंदगी जीने भी लगे हैं। मगर, अशिक्षा और बेबसी के कारण जल्दबाजी में फर्जी एजेंट के चक्कर में विदेश पहुंचकर काफी लोग खुद को ठगा भी महसूस कर रहे हैं। वहां फंसने के बाद न सिर्फ उनका उनका पासपोर्ट-वीजा और मोबाइल फोन छीन लिया जाता है। बल्कि मालिक अपनी शर्तों पर उन्हें काम करने को मजबूर करते हैं।
देश में नहीं करते निम्न स्तर का काम : स्वदेश में मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, तेलंगाना आदि शहरों में कार्य करते हुए लोगों ने नौकरी के दौरान आत्मसम्मान के कारण ऐसे कोई निम्न स्तर का कार्य नहीं किया। लोग बताते हैं कि कई दफा आत्मसम्मान के चलते नौकरी चली जाती है, लेकिन लोग झुकने को तैयार नहीं होते हैं। मलेशिया, किर्गिस्तान, दुबई, ओमान, मलेशिया, सऊदी आदि खाड़ी देशों में बेबसी और मजबूरी के आगे वहां फंसे युवकों ने मजदूरी तक की। यही नहीं, इससे भी निम्न स्तर के चरवाहे और गड्ढे खुदाई तक का काम भी किया।