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Kushinagar News: डॉक्टर को पता नहीं, आयुष्मान पैनल के लिए किया था आवेदन

Fri, 13 Mar 2026 01:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के कोटवा में संचालित खुशी हास्पिटल का संचालक राजू श्रीवास्तव की जालसाजी करीब दो माह पहले भी अफसरों की जांच में पकड़ी गई थी। आयुष्मान योजना में हास्पिटल पंजीकरण के लिए करीब दो माह पूर्व आवेदन राजू किया था। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अफसर डॉ. राकेश गुप्ता सत्यापन के लिए पहुंचे तो, जो मानक होना चाहिए वह नहीं मिला। इस लिए पंजीकरण करने से मना कर दिया।
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इसके बाद डीएम को अस्पताल संचालक ने फोन किसी से कराया। डीएम के निर्देश पर दोबारा संयुक्त रूप से पडरौना एसडीएम और नोडल अफसर ने जांच की। जिस डॉक्टर की डिग्री लगाई थी, उससे बात की गई तो उस डॉक्टर को पता नहीं था। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट डीएम को भेज दी। डीएम ने कार्रवाई के लिए सीएमओ को निर्देश दिया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई अस्पताल संचालक के खिलाफ नहीं हो सकी,तब तक जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। इसके पहले भी जांच में कमी मिलने पर खुशी हास्पिटल की आयुष्मान की आईडी निलंबित की गई थी।
कोटवा चौराहा पर संचालित खुशी हास्पिटल का संचालक राजू श्रीवास्तव की सीएमओ कार्यालय में गहरी पैठ है। लोगों का कहना है कि इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार कार्रवाई के नाम पर खानापूरी करते हैं। अफसरों का दबाव पड़ता है कि हाईकोर्ट की मदद लेकर बच निकलता है। इससे उसका मनोबल बढ़ता गया और मरीजों की जिंदगी के साथ इलाज के नाम पर खिलवाड़ करता गया। करीब नौ माह पूर्व खुशी हास्पिटल को आयुष्मान योजना से जांच में अनियमितता मिलने पर निलंबित कर दिया गया था। करीब दो माह पूर्व दोबारा आयुष्मान योजना में चयनित करने के लिए आवेदन दिया था। एसडीएम पडरौना ने डॉक्टर को फोन किए तो उसने मना कर दिया और बोला कि इस बारे में हास्पिटल संचालक से मेरी कोई बात नहीं हुई है और न ही जानकारी है। इसके बाद आवेदन निरस्त कर डीएम को एसडीएम ने रिपोर्ट भेज दिया, डीएम ने हास्पिटल संचालक पर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए,लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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एक माह बाद भी नहीं पूरी हुई जांच
एक माह पूर्व बोधी छपरा गांव निवासी 60 वर्षीय सुगिया देवी पत्नी मोतीलाल की इलाज के दौरान खुशी हास्पिटल में मौत हो गई थी, इसको लेकर हंगामा भी हुआ था,सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम इसकी जांच कर रही है, जांच की गति इतनी सुस्त है कि अभी तक पीड़ित परिवार का बयान दर्ज होना तो दूर कोई संपर्क भी नहीं किया गया है। उधर हास्पिटल संचालक सुलह समझौते के लिए लगातार दबाव बना रहा है, ऐसा पीड़ित परिवार का आरोप है। नोडल अफसर डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है कि विभागीय कार्य अधिक होने के कारण जांच में देरी हो रही है। इसमें तेजी लाई गई है। जल्द ही रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी जाएगी।
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राजू ने इलाज किया या डॉक्टर, डीवीओआर खोलेगा राज
खड्डा के मठिया बुजुर्ग गांव निवासी दीनदयाल की पत्नी नीतू और नवजात बच्ची की मौत के बाद आरोपी संचालक राजू श्रीवास्तव फरार है। पुलिस इसकी तलाश कर रही है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट को पुलिस अपनी विवेचना में शामिल करेगी। पुलिस की ओर से हास्पिटल से कब्जे में लिए गए सीसी टीवी कैमरे का डीवीआर की जांच पुलिस कर रही है, घर वालों का आरोप है कि नीतू का इलाज संचालक राजू खुद कर रहा था, कोई डॉक्टर नहीं था। यह सच्चाई डीवीआर से खुलेगा। हालांकि खुशी हास्पिटल के पैड पर जिन डॉक्टरों का नाम है, उनका मोबाइल बंद है, पुलिस संपर्क नहीं कर पा रही है।

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-खुशी हास्पिटल के पैड पर चार डॉक्टरों के नाम हैं। इसमें रविंद्र नगर धूस के पास संचालित एक निजी हास्पिटल के सर्जन का भी नाम है। इन डॉक्टरों को नोटिस अपना पक्ष रखने के लिए दिया गया है। जांच की जो प्रक्रिया है उसे पूरा करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होना तय है। खुशी हास्पिटल का आयुष्मान का पंजीकरण नहीं है। -डॉ. चंद्रप्रकाश, सीएमओ
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