पडरौना। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को सीएम डैशबोर्ड की हुई समीक्षा बैठक में डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों के जिम्मेदारों पर नाराजगी जाहिर किया। कम रैंकिंग वाले विभागों की एक-एक कर समीक्षा करते हुए डीएम ने प्रगति रिपोर्ट तलब की और वास्तविक स्थिति का आकलन किया।
समीक्षा के दौरान पीएम सूर्यघर योजना, आईसीडीएस, एनआरएलएम, जल जीवन मिशन, फैमिली आईडी, विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं, मुख्यमंत्री युवा कल्याण योजना और नई सड़कों के निर्माण जैसे अहम कार्यक्रमों में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई।
पीएम सूर्यघर योजना में 1600 के लक्ष्य के सापेक्ष बेहद कम उपलब्धि पाए जाने पर डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि जनवरी और फरवरी में 500-500 लाभार्थियों को योजना से आच्छादित किया जाए।
साथ ही योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और लाभार्थियों की पहचान के लिए जिला पूर्ति अधिकारी, डीपीआरओ और बेसिक शिक्षा अधिकारी से समन्वय कर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। फैमिली आईडी की समीक्षा में बीते 15 दिनों से शून्य प्रगति पाए जाने पर चार खंड विकास अधिकारियों को चेतावनी दी गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि अगली समीक्षा बैठक तक लक्ष्य पूरे नहीं हुए तो संबंधित अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किया जाएगा।
आईसीडीएस, एनआरएलएम और जल जीवन मिशन को आमजन से सीधे जुड़ी योजनाएं बताते हुए डीएम ने कहा कि इनमें किसी भी तरह की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। छात्रवृत्ति योजनाओं की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताते हुए पात्र लाभार्थियों का शीघ्र चिन्हांकन कर डाटा अपलोड सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नई सड़कों के निर्माण की समीक्षा करते हुए डीएम ने गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर दिया। वहीं मुख्यमंत्री युवा कल्याण योजना में युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभागीय अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। डीएम ने दो टूक कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग में हर हाल में सुधार किया जाए। लापरवाही, उदासीनता या गलत रिपोर्टिंग की स्थिति में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा, उप कृषि निदेशक, डीपीआरओ सहित सभी जनपद स्तरीय और खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।