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Kushinagar News: 11 माह पूर्व मिली हत्या की धमकी सच में बदली

Sun, 25 May 2025 01:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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रामपुर झुरिया गांव में तेज बहादुर के घर में बैठे परिजन व पुलिस। संवाद
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पडरौना। अहिरौली क्षेत्र के रामपुर झुरिया गांव के तेज बहादुर उर्फ राजन यादव को 11 माह पूर्व हत्या की धमकी मिली थी। इसके बाद देवरिया बरात में शामिल होने गए तेज बहादुर की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के तीसरे दिन घर पर बैठे लोग शोक में डूबे रहे। सुरक्षा के दृष्टिकोण से तैनात पुलिस गांव में आने-जाने वालों पर नजर रख रही है।
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वहीं आरोपी का घर सूना पड़ा है, कोई किसी को कुछ बताने से कतरा रहा है। इधर तेज बहादुर की हत्या से गमजदा बड़े भाई अजय बहादुर ने बताया कि धोखे से मेरे भाई की तीन डिस्मिल जमीन आरोपियों ने बैनामा करा लिया था, जिसको लेकर 11 माह पूर्व मारपीट हुई थी। उसमें आरोपी के घर में सेना में तैनात युवकों ने जान से मारने की धमकी राजन को दिया था, जो सच में बदल गया। दूसरे किसी से मेरे परिवार की दुश्मनी नहीं है। बैनामा ली गई जमीन पर आरोपियों को अभी तक कब्जा नहीं मिल सका है।
इसका मुकदमा राजन कोर्ट में लड़ता था। इसको लेकर दोनों परिवार के बीच वर्चस्व की लड़ाई चलती हैं। सूत्रों की मानें ताे सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम पेशेवर शूटरों ने दिया है, जिसकी तलाश में देवरिया पुलिस कुशीनगर में पूरे दिन जमी रही।अहिरौली थाना क्षेत्र के रामपुर झुरिया गांव निवासी दीपक गिरी के बेटे की बरात खुखुन्दू क्षेत्र के खजुरी करौता गांव में बृहस्पतिवार की शाम को गई थी। इसमें तेज बहादुर उर्फ राजन यादव भी शामिल होने गया था। द्वारपूजा और जयमाल का कार्यक्रम बीतने के बाद राजन ने दीपक गिरी व अन्य लोगों के साथ बैठकर भोजन किया।
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इसके बाद हाथ धुलने गए थे। नकाबपोश बदमाशों ने सिर में गोली मारकर हत्या कर दिया। घटना के बाद परिवार के सदस्य देवरिया पहुंच गए और पुलिस ने भाई की तहरीर पर गांव के रणधीर निषाद व इसके चालक पप्पू प्रसाद समेत अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज कर लिया। सूत्रों की मानें तो जिस तरह से घटना को सुनियाेजित तरीके से अंजाम दिया गया है इसमें पेशेवर शूटरों का हाथ है। शनिवार को दरवाजे पर बैठे राजन के बड़े भाई अजय बहादुर ने बताया कि रणधीर निषाद से पहले अच्छा तालमेल था।
मुझे रुपये की जरूरत पड़ी तो 10 जून 2024 को अपने हिस्से की तीन डिस्मिल जमीन परिवार के सदस्यों से बिना बताए रणधीर के चाचा के बेटे संदीप उर्फ पप्पू को बैनामा कर दिया। उस समय नशा भी अधिक करता था, लेकिन जमीन का सौदा जो तय हुआ था, उतने रुपये मिले नहीं। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया।
25 जून 2024 को रणधीर के परिवार से मारपीट हो गई, इसमें दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर केस दर्ज कराया था। इस दौरान रणधीर के परिवार के फौज में रहने वाले दो युवकों ने राजन की हत्या की धमकी दी थी। जमीन पर अभी कब्जा रणधीर के परिवार का नहीं है। जमीन बैनामा मंसूखी (निरस्त कराने) का कोर्ट में मुकदमा राजन लड़ते थे।
इसको लेकर आरोपी परिवार के सदस्य खार खाए थे। अजय ने कहा कि इसके अलावा राजन की हत्या दूसरा कोई नहीं कर सकता है। बरात में शूटरों की मदद से उसकी हत्या कराई गई है, ताकि संदेह न हो। वहीं दूसरी ओर रणधीर के दरवाजे पर सन्नाटा पसरा है, इसके परिवार का एक व्यक्ति दरवाजे पर था जो कुछ बताने से परहेज करते हुए घर में चला गया।
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