स्वास्थ्य केंद्रों से रिलीव हो चुके कई एमबीबीएस डॉक्टरों को दोबारा वहीं सेवाएं देने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
छितौनी। खड्डा ब्लॉक के बुलहवा गांव के बैरा टोले में खसरे से पीड़ित एक बच्ची की शुक्रवार की रात मौत हो गई। गांव के तीन टोलों पर कई लोग पीड़ित हैं। इस बीमारी को दैवीय प्रकोप मानने के चलते लोग इलाज भी नहीं करा रहे हैं।
बैरा टोला निवासी बेचन मुखिया की तीन वर्षीय बेटी रिंकू को 3-4 दिन पूर्व पूरे शरीर में दाने पड़ गए। बच्ची की हालत बिगड़ गई। परंतु दैवीय आपदा मानकर लोगों ने बीमार बच्ची का इलाज नहीं कराया। शुक्रवार को रिंकू की हालत ज्यादा बिगड़ गई।
रात करीब 11 बजे बच्ची की मौत हो गई। इस टोले पर एक वर्षीय सन्नी, आठ वर्षीय विक्की, 12 वर्षीय ब्रजेश निषाद, 28 वर्षीय शहीद अंसारी, बीन टोली के चार वर्षीय सूरज निषाद, दो वर्षीय रवि, 10 वर्षीय रंजना, चार वर्षीय आंचल समेत कई बच्चे पीड़ित हैं। जोकहिया टोले के उमेश चौधरी की दो बेटियां 12 वर्षीय परी और आठ वर्षीय मुस्कान भी इस बीमारी से पीड़ित हैं।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. अखिलेश कुमार ने कहा कि जानकारी नही हैं। जल्द ही टीम भेजकर गांव में एहतियाती उपाय कराए जाएंगे। गौरतलब है कि दुदही क्षेत्र के कई गांवों में दो महीने से खसरा रोग का प्रकोप बना हुआ है।
चौबेया पटखौली में एक बच्ची की मौत भी हो चुकी है। रोगियों के शरीर पर पड़ रहे फफोले देखकर लोग भयभीत हो उठे हैं। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई एहतियाती उपाय नहीं किए जा रहे हैं।