कसया। संविधान की ताकत का वास्तविक स्रोत भारत की जनता में निहित है। हमारा संविधान 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और विश्वास का प्रस्थान बिंदु है और यह राष्ट्रीयता, विश्वास, विकास और राष्ट्रीय हितों का पोषण करने वाला ग्रंथ है।
उक्त विचार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक (मध्य प्रदेश) के पूर्व कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी ने व्यक्त किए। वह संस्कार भारती गोरक्ष प्रांत एवं बुद्ध पीजी कालेज कुशीनगर की ओर से आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही ने कहा कि भारतीय संविधान राष्ट्रीय एकता और विकास का वाहक ग्रंथ है। विशिष्ट अतिथि के रूप में गोरखपुर महानगर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने भी संगोष्ठी को संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बुद्ध पीजी कुशीनगर के प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र ने की।