पडरौना। बुधवार को भी सुबह से कड़ाके की ठंड रही। शीतलहर के बावजूद प्राथमिक व आठवीं तक के स्कूल खुलने के कारण बच्चे ठिठुरते हुए विद्यालय पहुंचे। राह चलते छोटे बच्चे ठंड के कारण कांप रहे थे। अभिभावक भी बच्चों को स्कूल छोड़ने व ठंड की स्थिति देखकर परेशान रहे। वहीं जनपद मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल, विकास भवन सहित अन्य सरकारी दफ्तरों पर अपनी जरूरतों से कम लोग ही पहुंचे थे। ज्यादातर तो सन्नाटा की स्थिति रही, हालांकि दोपहर बाद हल्की धूप निकली, लेकिन हवा चलने की वजह से ठंड और गलन बरकरार रही।
जिले में ठंड का कहर जारी है। ठंड से निजात पाने के लिए लोग हर तरह का प्रयास कर रहे हैं। ऐसा माना जा रहा था कि मकर संक्रांति के बाद मौसम में बदलाव होगा, लेकिन बुधवार को भी ठंड से लोग ठिठुरते रहे। अलाव, हीटर, ब्लोवर इत्यादि का सहारा लेकर अपने हाथ गरम करते रहे। दोपहर बाद करीब दो बजे हल्की सी धूप निकली, लेकिन लोगों को इससे राहत नहीं मिल सकी। इस बार पड़ रही कड़ाके की ठंड से हर कोई परेशान है। जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चला है। रेलवे स्टेशन पर यात्री ठिठुरते हुए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। तेज हवा चलने से गलन लगातार बढ़ रही थी।
इस बार दिसंबर से शुरू हुई ठंड ने लोक् को परेशान कर रखा है। ेमौसम में लगातार उतार-चढ़ाव से लोग अपने घरों में रहने को विवश हैं। नगर के सुभाष चौक स्थित रोडवेज परिसर व पुलिस चौकी के पास बनाए गए रैन बसेरा में कोई रुकने को तैयार नहीं है। पुलिस चौकी स्थित रैन बसेरा में न तो रजाई ही है और न ही गद्दा। अपनी सवारी के इंतजार में घंटों सुभाष चौक पर रहने वाले रिक्शा चालकों की संख्या में बीते एक सप्ताह से काफी कमी हो गई है। शाम के वक्त बाजार में सब्जी खरीदारी करने वाले लोग भी दोपहर में ही बाजार से लौट जा रहे हैं।
कड़ाके की ठंड में अलाव ही लोगों का एक मात्र सहारा बचा है। नगरपालिका की ओर से शहर के प्रमुख चौराहे पर अलाव की व्यवस्था की गई है। बाइक से सफर करके पडरौना आने वाले लोग जहां कहीं अलाव की व्यवस्था देख रहे हैं, वहीं बैठकर अपने शरीर को गरम कर रहे हैं। रामगढ़ के विनय चौबे, खोटहीं के राजा, अहिरौली दीक्षित के नवनीत का कहना है कि अलाव से काफी आराम मिल रहा है। क्योंकि बाइक चलाते वक्त ठंड से हाथ-पैर काम करना बंद कर दे रहा है।