पडरौना। केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से लड़कियों की पढ़ाई के लिए दो लाख रुपये मिलने की चर्चाओं ने शहर के पोस्ट ऑफिसों पर भीड़ बढ़ा दी है। प्रधान डाकघर पडरौना में तमाम लोग इसके लिए आवेदन पत्र की रजिस्ट्री करने पहुंच रहे हैं, हालांकि इस तरह के किसी योजना की पुष्ट जानकारी लोगों या विभागीय अफसरों के पास भी नहीं है। एक स्वयं संगठन की तरफ से बृहस्पतिवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर इसकी हकीकत जांचने की मांग की गई है।
शहर समेत आस-पास के गांव में चर्चा है कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत भारत सरकार की तरफ से लड़कियों को दो लाख रुपये देने की योजना है। इसका लाभ पाने के लिए ग्राम प्रधान या अपने वार्ड के सभासद से प्रमाणित करवाकर बैंक खाता नंबर व पास बुक की फोटो कॉपी के साथ निर्धारित फार्म पर आधार नंबर आदि की जानकारी भरकर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय शास्त्री भवन नई दिल्ली को भेजना है। पडरौना शहर समेत आस-पास की गांवों की युवतियां और बेटियों के अभिभावक बाजार में मिल रहे फार्म को भरकर प्रधान डाकघर में रजिस्ट्री करने पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे इस तरह के लोगों की भीड़ ज्यादे होने के बाद पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी भी चकित रह गए।
प्रधान डाकघर पडरौना के डाक अधीक्षक उमापति त्रिपाठी का कहना है कि इस तरह की किसी योजना के विषय में उन्हें जानकारी नहीं है। डाक घर में प्राप्त किसी भी पत्र को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी डाक विभाग की है। इसी के तहत विभाग अपना कार्य कर रहा है।
पडरौना। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को बढ़ावा देने के लिए दो लाख रूपये मिलने के इस प्रकरण को फर्जी बताते हुए मैक्सवीन ह्युमन फांउडेशन से जुड़े लोगों ने पडरौना एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने इस मामले की छानबीन कर हकीकत का पता लगाने और मामला गलत मिलने पर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस मौके पर संगठन के जमील आइशी, बैजनाथ सिंह, मंटू जायसवाल, फैजुल हक, शिबू बाबर, इरशाद अंसारी, अंकित मिश्र, एजाज खान, मोहम्मद जहीरूद्दीन, गिरजेश उपाध्याय, उपेंद्र प्रताप सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत लड़कियों को दो लाख रुपये मिलने से संबंधित मामले की जानकारी अपर जिलाधिकारी कृष्णलाल तिवारी को भी नहीं है। एडीएम ने दूरभाष पर बताया कि ऐसी कोई योजना उनके संज्ञान में नहीं है। अगर विकास विभाग के अफसरों को कोई पत्र मिला हो तो वे ही इसे बता सकते हैं। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि कुमार सिंह भी इस तरह के किसी योजना की जानकारी से इंकार कर रहे हैं।