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Kushinagar News: छितौनी रेल परियोजना में आई तेजी, पुलों के निर्माण के लिए सर्वे शुरू

Tue, 16 Dec 2025 01:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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बंद छितौनी़ी रेलवे स्टेशन।संवाद
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कुशीनगर। छितौनी-तमकुहीरोड रेल परियोजना को अब शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए स्थल चिह्नांकन किया जा रहा है। तहसील स्तर पर भूमि सर्वे और डेटा संग्रह का कार्य जारी है, जबकि रेल लाइन के मार्ग में आने वाले पेड़ों का पर्यावरणीय सर्वे भी कराया जा रहा है।
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जानकार बताते हैं कि यह परियोजना ऐसे समय में आगे बढ़ रही है जब केंद्र सरकार रेल इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को विकास की प्राथमिकता मान रही है। परियोजना के तहत 1000 से अधिक किसानों की भूमि चिन्हित कर ली गई है। आपत्तियां आमंत्रित किए जाने के दौरान कई मामलों में यह सामने आया कि भूमि स्वामियों के निधन के बाद उनके उत्तराधिकारियों ने वरासत दर्ज कराकर मुआवजे पर दावा प्रस्तुत किया है।
प्रशासन ऐसे मामलों को अलग-अलग चिन्हित कर सत्यापन कर रहा है, ताकि मुआवजे की राशि सही लाभार्थियों तक पहुंच सके और बाद में कोई विवाद न खड़ा हो। पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से 477 करोड़ रुपये की पहली निविदा जारी किए जाने के साथ ही यह बहुप्रतीक्षित परियोजना निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। इसके साथ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है, जिससे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे कुशीनगर और आसपास के सीमावर्ती इलाकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
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लगभग 67 किलोमीटर लंबी यह प्रस्तावित रेल लाइन गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड से तमकुहीरोड में कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग को सीधे जोड़ेगी। रेल प्रशासन का मानना है कि परियोजना पूरी होने पर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा से सटे इलाकों में आवागमन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र कुशीनगर तक रेल पहुंच आसान होने से पर्यटन उद्योग को भी नई गति मिलने की संभावना है।
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2007 में परियोजना का हुआ था शिलान्यास
वर्ष 2007 में परियोजना का तत्कालीन रेलमंत्री ने शिलान्यास किया था। 2015 में बजट और नीति बाधाओं के कारण परियोजना ठप रही। 2016–2018 तक भूमि अधिग्रहण और सर्वे में ढिलाई, निर्माण कार्य स्थगित रहा। 2023 में रेलवे मंत्रालय ने परियोजना की दोबारा समीक्षा कर महत्व दिया। 2025 (अगस्त)में 477 करोड़ का पहला टेंडर जारी हुआ। 2025 (सितंबर) में भूमि अधिग्रहण अधिसूचना जारी, तहसीलों में सर्वे कार्य प्रारंभ हुआ। 2025 (अक्टूबर) में पुल निर्माण और प्रारंभिक स्थल चिन्हांकन शुरू किया गया। अगले साल मुआवजा भुगतान, पर्यावरण सर्वे और पूर्ण निर्माण कार्य की शुरुआत होगी।
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