तमकुहीराज। कस्बा स्थित सीएचसी के चिकित्सकों पर शिक्षिका सुप्रिया की प्रसव के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से मौत हो गई। इस मामले में डॉक्टरों पर केस दर्ज करने की मांग को लेकर परिजन सोमवार से धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को भी धरना जारी रहा। परिजन सीएचसी के अधीक्षक और लापरवाह महिला डॉक्टर पर केस दर्ज करने की जिद पर अड़े हैं। सोमवार की देर शाम को एसडीएम और सीओ धरने पर बैठे लोगों से मिले और जांच के बाद हुई कार्रवाई से अवगत कराया, लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं है।
नगर पंचायत तमकुहीराज के वार्ड नंबर सात सरदार पटेल नगर निवासी सुप्रिया का 22 मई को सीएचसी के जच्चा- बच्चा केंद्र पर सामान्य प्रसव के बाद मौत हो गई। चिकित्सकों ने सामान्य प्रसव के बाद हालत नाजुक बता सुप्रिया को अस्पताल पडरौना रेफर कर दिया था। परिजनों का आरोप था कि प्रसूता शिक्षिका की मौत सीएचसी में होने के बाद जानबूझकर अधीक्षक ने उन्हें जिला अस्पताल पडरौना रेफर किया था। मामले में तमाम विरोध प्रदर्शन एवं सीएचसी के जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दे कार्रवाई की मांग की,लेकिन आरोप के अनुसार कार्रवाई नहीं हो सकी। इससे नाराज परिजन कांग्रेस नेता अमित सिंह के नेतृत्व में सोमवार से अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन कर जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने एवं उनके निलंबन की कार्रवाई के जिद पर अड़े हुए है। हालांकि सोमवार देर शाम इस मामले की जांच पड़ताल के डीएम के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय चिकित्सकों की टीम के रिपोर्ट आख्या के आधार पर दोषी पाए गए अधीक्षक सहित तीन स्वास्थ्य कर्मियों का स्थानांतरण सीएमओ ने कर दिया। मंगलवार को प्रदर्शनकारी सीएमओ की ओर से की गई कार्रवाई को नाकाफी बताते हुए धरना प्रदर्शन पर जमे रहे। धरना आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेसी नेता अमित सिंह का कहना रहा कि दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ सिर्फ नाम के लिए कार्रवाई हुई है। मुकदमा दर्ज होने तक आंदोलन जारी रहेगा। पीड़ित परिवार के धरना का सपा नेता उदयनारायण गुप्ता व व्यापार मंडल तमकुहीराज के अध्यक्ष धर्मेंद्र मद्धेशिया ने भी समर्थन दिया।