पिछले एक सप्ताह से शीतलहर से जूझ रहे लोगों को दोपहर में करीब पौने दो बजे धूप निकलने पर थोड़ी सी राहत मिली। लोग घरों से बाहर निकलकर धूप में बैठे रहे। लेकिन शाम को ठंडी हवा चलने से लोग फिर घरों में दुबकने को विवश हो गए।
ठंडी हवा चलने और आकाश में बादल छाए रहने से सोमवार को सुबह काफी ठंड रही। लोग जगह-जगह अलाव के सामने बैठकर ठंड से बचाव का प्रयास करते रहे। दोपहर में करीब पौने दो बजे स्थिति में थोड़ा सुधार दिखा, जब हल्की सी धूप खिली। लोग अपने घरों से निकलकर बाहर आ गए। दो घंटे तक लोग मौसम में आए इस हल्के से बदलाव का आनंद लिए, लेकिन आद्रता में कमी नहीं आई। दिन ढलते ही ठंड फिर बढ़ गई। ठंडी हवा चलने के कारण लोग पुन: गर्म कपड़ों और घरों में दुबकने के लिए विवश हो गए। किसी ने अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश की तो कोई चाय की चुस्की लेकर ठंड से निजात पाने की कोशिश करता रहा। चाय-पकौड़ों सहित अन्य गर्म खाद्य वस्तुओं की दुकानों पर भी लोग नजर आए।
सोमवार को भी पशुपालकाें की चिंता बरकरार रही। ठंड के कारण पशुपालक अपने पशुआें की देखभाल और चारे के लिए परेशान रहे।