- पहले लगी होती रोक तो नहीं बर्बाद होता पैसा और समय
कसया। नगर के पडरौना मार्ग स्थित नौका टोला में निर्मोही अखाड़ा के नेतृत्व में करीब एक माह से चल रहे मां वैष्णो देवी के गुफा के निर्माण कार्य को प्रशासन की ओर से पूर्व में कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया। जब गुफा बनकर तैयार हो गया और श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आने लगे, तब प्रशासन को गुफा के स्ट्रक्चर के बारे में जानकारी हुई।
पीडब्ल्यूडी के जेई को भेजकर उसके मानक का आंकलन कराया गया, तब सामने आया कि गुफा के लिए बना स्ट्रक्चर मानक के अनुरूप नहीं है। सुरक्षा की दृष्टि से इस रास्ते दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को भेजना उचित नहीं है। उसके बाद प्रशासन ने गुफा के दौरान दर्शन में रोक लगा दी।
आयोजक समिति निर्मोही अखाड़ा के अध्यक्ष राजेश राजभर, उपाध्यक्ष अमलेश कुशवाहा सहित मनोज कुशवाहा, अनिल कुशवाहा, गोविंद राजभर, राहुल मद्धेशिया, राहुल राजभर आदि का कहना था कि हम लोग कई सालों से इस तरह का आयोजन करते आ रहे हैं। केवल कोरोना काल में 3 साल बंद किए थे। सबकुछ बनकर तैयार हो जाने के बाद प्रशासन का निर्णय सुनकर काफी ठेस पहुंचा है, जबकि इस गुफा की चर्चा सुनकर लोग दूर-दूर से यहां दर्शन करने के लिए आ रहे थे।
ऐन वक्त पर आकर इस तरह के निर्णय से आयोजन समिति के लोगों में काफी निराशा हुई है। आयोजन समिति का आरोप था कि यदि पहले ही रोक लगा दिए होते तो हम लोग पैसा और समय बर्बाद नहीं किए होते।
इस संबंध में एसओ गिरिजेश उपाध्याय ने बताया कि गुफा निर्माण के दौरान एडीएम और एएसपी ने दौरा किया था। तभी पीडब्ल्यूडी के जेई से उसकी सुरक्षा की रिपोर्ट मांगी थी। उसके बाद ही सुरक्षा की दृष्टि से मानक के अनुरुप नहीं होने पर रोक लगाई गई।