पडरौना। तरयासुजान थाना क्षेत्र के मठिया श्रीराम गांव में एक व्यक्ति को गोली मारकर हत्या करने के प्रयास के मामले में न्यायालय ने मंगलवार को फैसला सुना दिया। इस मामले में दो व्यक्तियों को दस-दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। साथ एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। इनमें से एक लाख रुपये पीड़ित व्यक्ति को दिए जाएंगे।
वादी की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) उपेंद्र कुमार पाठक एवं वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी विजय कुमार यादव ने बताया कि घटना 14 अक्तूबर 2000 की है। इस गांव के श्याम नारायण नाम के एक व्यक्ति ने तरयासुजान थाने में तहरीर दी थी कि 14 अक्तूबर 2000 को शाम को करीब सवा छह बजे ओमप्रकाश और उनके पिता श्याम नारायण अपना खेत देखकर घर आ रहे थे।
उसी दौरान रणवीर तिवारी, भगवती, संजीव तिवारी, धनंजय पांडेय और विद्या मिश्र, जो मठिया श्रीराम गांव के रहने वाले हैं , पुरानी रंजिश के कारण उन पर फायरिंग की। इससे वह भागकर जान बचाए। ओमप्रकाश को रणवीर ने गोली मार दी, जिससे वह घायल हो गए। गांव के बहुत से लोग दौड़कर आए और उन्हें बचाया। तरयासुजान थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। संजीव तिवारी घटना के समय नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर सुनवाई हुई।
मंगलवार को इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-एक सुनील कुमार यादव के न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने भगवती तिवारी और धनंजय पांडेय को हत्या के प्रयास में दोषी पाया। दोनों को सजा सुनाई।