मथौली बाजार। ईट-भट्ठे पर काम करने छत्तीसगढ़ से आए 13 मजदूरों को बंधक बनाने की सूचना पर कसया की एसडीएम ने देर रात नायब तहसीलदार और श्रम प्रवर्तन अधिकारी को मौके पर भेजा। दोनों अधिकारियों ने पहुंचकर मजदूरों को मुक्त कराया।
रामकोला थाना क्षेत्र के बड़हरा लक्ष्मीपुर स्थित ईट-भट्ठा पर कार्य करने वाले मजदूरों ने आरोप लगाया कि मालिक उन्हें घर नहीं जाने दे रहे हैं। तबीयत खराब होने पर ईट-भठ्ठा मालिक इलाज कराने के लिए रुपये तक नहीं देते हैं। किसी ने इसकी शिकायत कसया की एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव से की। उन्होंने नायब तहसीलदार शैलेंद्र सिंह और श्रम प्रवर्तन अधिकारी महेंद्र कुमार को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए।
एसडीएम के निर्देश पर अधिकारियों ने श्रम विभाग के शशि शेखर मिश्रा और राजस्व निरीक्षक गौरव प्रताप सिंह के साथ सोमवार की देर रात ईट-भट्ठा पर पहुंचकर मजदूरों को मुक्त कराया। अधिकारियों ने मजबूरों का भट्ठा मालिक से पूरा हिसाब कराकर ऑनलाइन भुगतान कराया। इसके बाद मेम लाल, नंदू, सावन, राजू, रामायण समेत सभी 13 मजदूरों को उनके घर भेजवाया।
इस संबंध में ईट-भट्ठा मालिक राहुल तिवारी ने बताया कि मजदूर काम कर रहे थे। उन्हें समय से मजदूरी दी गई है, लेकिन किसी वजह से मजदूरों ने दो दिनों से काम करना बंद कर दिया था। राहुल ने कहा कि उनकी तरफ से मजदूरों का किसी तरह का उत्पीड़न नहीं किया गया है। मजदूरों का जितना बकाया था, उतना उन्हें ऑनलाइन भुगतान कर दिया गया है। इस संबंध में नायब तहसीलदार व श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि वे कसया एसडीएम के निर्देश पर सोमवार की देर रात ईट-भट्ठे पर पहुंचे थे। ईठ-भट्ठा से सभी मजदूरों को मुक्त कराया गया और मजदूरी का भुगतान कराकर उन्हें घर भेजवा दिया गया।