तेंदुए के भय से रात भर दहशत में रहे लखुआ लखुई के लोग
सात लोगों हमले में कर चुका है घायल, आग जलाकर मवेशियों की सुरक्षा की गई
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा(कुशीनगर)। ग्राम सभा लखुआ लखुई के हसनु टोला में शनिवार को तेंदुए ने हमला कर सात लोगों को घायल कर दिया। इससे रातभर लोग दहशत में रहे। डीएफओ महराजगंज व उनकी टीम, एसडीएम खड्डा की अगुआई में पिंजरा लगाकर रातभर कांबिंग करती रही। रविवार को भी सुबह से कांबिग की जा रही है। तेंदुआ का पता नहीं चल पाया है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि रात के अंधेरे में वह सरेह में चला गया है।
खड्डा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा लखुआ लखुई में शनिवार दोपहर सरेह में घास काटने गई एक महिला पर तेंदुए ने हमलाकर घायल कर दिया। इसके बाद एक के बाद कर सात लोगों को हमला कर घायल कर दिया। देर रात महराजगंज के डीएफओ पुष्प कुमार कांधला (सोहगीबरवां वन्यजीव अभयारण्य), पडरौना एसडीओ घनश्याम शुक्ला, निचलौल के रेंजर जगरनाथ प्रसाद, रेंजर खड्डा वीके यादव टीम के साथ पिंजरा, जाल व अन्य उपकरण लेकर पहुंचे। टीम के देर से पहुंचने पर लोग हंगामा करने लगे। इसी बीच तेंदुआ कहीं नदारद हो गया। एसडीएम अरविंद कुमार व खड्डा पुलिस मौके पर मुस्तैद रही। ग्रामीण महताब अंसारी, रामप्रकाश चौधरी, इम्तियाज अंसारी, अजय, बेचू कुशवाहा, इंद्रावती, रेनू आदि ने बताया कि रात भर दहशत का माहौल रहा घर के दरवाजे और जंगले बंद कर कैद रहे। पालतू मवेशियों की सुरक्षा हेतु आग जलाकर सुरक्षा करना पड़ा। रविवार सुबह होते ही वन क्षेत्राधिकारी बीके यादव की अगुवाई में वन विभाग की टीम गांव के सरेह व झाड़ियों की कांबिंग की। लेकिन तेंदुए का कहीं पता नहीं चल सका। ग्रामीणों की मानें तो तेंदुआ इधर-उधर घूमते हुए सरेह की ओर चला गया। वहीं लोग लाठी-डंडा लेकर उसकी तलाश कर रहे हैं। वन क्षेत्राधिकारी बीके यादव बोले, लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। विभागीय टीम निरंतर छानबीन कर रही है। पिंजरा सहित अन्य उपकरण मंगा लिए गए हैं।
घायलों का चल रहा इलाज-
तेंदुआ के हमले में घायल सात लोगों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। घायलों में अखिलेश, युनूस, प्रभावती, रूदल लखुआ लखुई गांव के निवासी हैं। जयसिंह व अकबर बगल के गांव नवल छपरा और क्यामुद्दीन बगल के ही गांव बंजारीपट्टी के निवासी हैं। रेंजर ने बताया कि जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इन्हें विभागीय अनुमन्य मुआवजा दिया जाएगा।
बफर जोन घोषित करने पर हुआ मंथन
रेंजर बीके यादव ने बताया कि एसडीएम अरविंद कुमार व डीएफओ महराजगंज एवं कुशीनगर ने इस बात पर मंथन किया है कि खड्डा रेंज, बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व व सोहगीबरवां वन्यजीव अभयारण्य से सटा हुआ है। इन जंगलों की सीमा खुली हुई है। ऐसे में अक्सर वन्यजीव भटक कर रिहाइशी इलाके में पहुंचकर जनजीवन के लिए खतरा पैदा कर देते हैं। इन्हें काबू करने व बचाव करने का कोई संसाधन खड्डा रेंज में नहीं है। प्रशिक्षित कर्मचारी भी नहीं हैं। इसके मद्देनजर खड्डा तहसील क्षेत्र को बफर जोन घोषित करते हुए सभी संसाधन व प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध कराए जाएं। इसके लिए प्रस्ताव शासन को शीघ्र भेजा जाएगा।