कप्तानगंज। सहकारी समिति परिसर में बुधवार को मृदा परीक्षण अभियान के तहत कृषी गोष्ठी आयोजित हुई। इसमें किसानों को तकनीकी आधारित कृषि कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी खेती करने पर लागत कम आने के साथ उपज भी बढ़ेगी।
मुख्य अतिथि राजकुमार मौर्या ने कहा कि किसानों को परंपरागत कृषि कार्य में तकनीकी खेती को बढ़ावा देना चाहिए। इससे लागत कम आने के साथ फसल की उपज में भी वृद्धि होगी। किसानों को फसलों के साथ सहगामी फसल उगाने की परंपरा को ध्यान देना होगा। इससे कम खर्च में अधिक उपज का लाभ मिलेगा। गुंजन द्विवेदी ने कहा कि सरकार किसानों के लिए ड्रोन उपलब्ध करा रही है, ताकि कम खर्च में फसलों पर दवा, खाद समेत अन्य कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जा सके।
इस दौरान सचिव जय सिंह, हेमंत कुमार, साजिद अंसारी, धर्मेद्र सिंह, संदीप कुमार, अभिषेक सिंह, प्रमोद सिंह, प्रताप नरायन पांडेय, सतीश द्विवेदी आदि मौजूद रहे।