कसया। गोरखपुर विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (गुआक्टा) के आह्वान पर महाविद्यालय के शिक्षकों ने शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया। बुद्ध पीजी कालेज के शिक्षकों ने भी एकजुट होकर कुलपति के प्रति विरोध जताया।
महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. सौरभ द्विवेदी और मंत्री डॉ. राजेश जायसवाल के आह्वान पर शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया। इस दौरान कुलपति के विरोध में नारे लगाकर नाराजगी जताई गई। शिक्षकों ने कहा कि उनकी मांगों की अनदेखी और शिक्षकों के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है।
गुआक्टा की ओर से तीन अगस्त को लंबित देयकों के भुगतान, महाविद्यालयों पर लगाए गए जुर्माने को वापस लेने, विद्यार्थियों से अधिक शुल्क वसूली सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर कुलपति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। शिक्षकों का कहना है कि उस दौरान मांगों के समाधान का आश्वासन दिया गया था लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। मांगें पूरी नहीं होने के विरोध में गुआक्टा महामंत्री डॉ. निरंकार राम त्रिपाठी समेत अन्य शिक्षकों ने 10 अगस्त से अनशन शुरू किया।
इसी दौरान गुआक्टा उपाध्यक्ष डॉ. रेणु कमलवंशी समेत अन्य शिक्षकों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया। इससे शिक्षकों में आक्रोश है। शिक्षकों ने कहा कि उनका विरोध शिक्षकों के सम्मान, महाविद्यालयों के हित और लंबित मांगों के न्यायपूर्ण समाधान के लिए है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक और सम्मानजनक समाधान कराने की मांग की। काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य के माध्यम से शिक्षकों ने अपनी एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मांगों के समाधान तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रखा जाएगा।