मोहल्ला पाठशाला के प्रति शिक्षक उदासीन
पकड़ियार बाजार (कुशीनगर)। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के तीन परिषदीय विद्यालयों की पड़ताल की गई। इसमें ऑनलाइन पढ़ाई से नामांकन के सापेक्ष करीब 20 प्रतिशत विद्यार्थी जुड़े हैं। मुहल्ला पाठशाला के प्रति शिक्षक भी उदासीन हैं। इसके चलते बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है।
कोरोना संक्रमण की वजह से बंद चल रहे स्कूलों की वजह से शासन की तरफ से ऑनलाइन पढ़ाई कराने के साथ मोहल्ला पाठशाला आयोजित करने के लिए निर्देश दिया गया है। लेकिन नेटवर्क की समस्या और अभिभावकों के पास एन्ड्रायड फोन की उपलब्धता नहीं होने से विद्यालय में नामांकित बच्चों के सापेक्ष महज 20 फीसदी बच्चे ही जुड़ सके हैं। शासन ने शिक्षकों को मोहल्ला पाठशाला भी संचालित कर बच्चों के अधिकांश स्तर को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन इसका सही से अनुपालन नहीं होने से नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक में मोहल्ला पाठशाला कागजी कार्रवाई तक सिमट कर रह गया है।
सोमवार को 11:04 बजे प्राथमिक विद्यालय सौरहा बुजुर्ग द्वितीय में प्रधानाध्यापक दिव्य प्रकाश चौरसिया कार्यालय में विभागीय कार्य निपटा रहे थे। उन्होंने बताया कि विद्यालय में कुल 70 बच्चे नामांकित हैं। ह्वाट्सएप ग्रुप से मात्र 16 बच्चे ही जुड़े हैं। यहां तैनात दूसरे सहायक अध्यापक सरफराज अहमद मोहल्ला पाठशाला के लिए गांव में गए हैं।
11:22 बजे प्राथमिक विद्यालय मोतीपुरा के प्रधानाचार्य मोहम्मद इब्राहिम मोबाइल पर समाचार सुन रहे थे। यहां तैनात शिक्षक रजनी चौहान एक कक्ष में बैठी मिलीं। शिक्षामित्र रामअवध कुशवाहा अभिलेखीय कार्य कर रहे थे। यहां पर चार अध्यापक तैनात हैं। प्रधानाध्यापक ने बताया कि सहायक अध्यापक सुरजित कुमार बैंक गए हैं।
11:35 बजे प्राथमिक सह जूनियर विद्यालय रामपुर खुर्द में अध्यापक प्रधानाचार्य कक्ष में विभागीय कार्यों को लेकर चर्चा कर रहे थे। जबकि कुछ अध्यापक कक्षाओं में बैठे हुए थे। यहां 133 बच्चे नामंकित है। ह्वाट्सएप ग्रुप से 23 बच्चे जुड़े हैं। प्रधानाचार्य रामानंद गौतम ने बताया कि मुहल्ला पाठशाला के लिए अभिभावकों से सहयोग मांगा जा रहा है, लेकिन अपेक्षाकृत सहयोग नहीं मिलने से पाठशाला का संचालन नहीं हो पा रहा है।
बीएसए विमलेश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशों का शत प्रतिशत अनुपालन कराया जाना है। इसमें लापरवाही करने वाले संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है। यदि अभिभावक मोहल्ला पाठशाला आयोजित करने में सहयोग नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें इसके प्रति प्रेरित करें। हर हाल में सभी संबंधित स्थानों पर मुहल्ला पाठशाला आयोजित कराना सुनिश्चित करें।