कुशीनगर। बुद्ध नगरी में सुविधाएं बढ़ रही हैं। चहुंओर विकास की बयार बह रही है। विकास के रनवे पर बुद्ध नगर ने दौड़ लगानी तो शुरू कर दी है। मगर, अब भी कई ऐसी निर्माणाधीन योजनाएं हैं। बुद्ध नगरी को विकसित करने के लिए कई अधूरी परियाेजनाएं नए साल में मूर्त रूप ले लेंगी और पर्यटकों को लुभाने के साथ-साथ व्यापार को गति मिलेगी।
कुशीनगर में दो ओवरब्रिज का निर्माण पूरा हो चुका है। कई परियोजनाएं भी पूरी होनी थीं, लेकिन अब तक अधूरी है। काम की सुस्त रफ्तार और धन आवंटन न होने से योजनाएं अधूरी रह गई हैं। इनमें कुछ ऐसी भी हैं जो हस्तांतरित होनी हैं, लेकिन उनमें पेच फंसा हुआ है। इनमें पर्यटन विकास से भी संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं।
कुशीनगर को रेल परियोजना से जोड़ने और एनएच-28 पर पांच ओवरब्रिज बनेगा और हादसे पर रोक लगने के साथ-साथ, हाटा, फाजिलनगर, पटहेरिया और सलेमगढ़ कस्बे के लोगों को काफी हद तक सहूलियत मिलेगी।
बुद्ध धरा पर कुशीनगर और गोपालगढ़ में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से 45 करोड़ों रुपये की लागत से दो ओवरब्रिज बनकर तैयार हैं। उनसे वाहनों की आवाजाही शुरू हो चुकी है।
कार्यदायी संस्था जेके इंजीकॉन प्राइवेट लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक इरशाद अली ने बताया कि नवनिर्मित ओवरब्रिज ऑपरेशनल प्रक्रिया को पूरा कर चुका है। इससे वाहनों की आवाजाही हो रही है। किसी तरह की परेशानी होने पर 10 वर्षों तक का अनुरक्षण करने की जिम्मेदारी है।
बुद्धा थीम पार्क नए साल में ले सकता मूर्त रूप : 17 करोड़ से अधिक लागत से निर्माणाधीन बुद्धा थीम पार्क नए साल में मूर्त रूप ले सकेगा। यहां पर्यटकों व सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र टॉकिंग ट्री, ओपन एयर थियेटर, म्यूरल आर्ट प्लेटफाॅर्म समेत तमाम तरह की पर्यटक सुविधाओं से लैस होगा।
कृषि विश्वविद्यालय निर्माण भी आरंभ : 750 करोड़ की लागत से बनने वाले महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के निर्माण से संबंधित काम भी चल रहा है। फिलहाल अभी चलने वाले छह साल के कार्य व संबंधित अन्य संसाधनों का काम पूरा किया जा रहा है। आगे इसमें तेजी आएगी।