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Kushinagar News: जन सुराज पार्टी के डिजिटल संचार प्रबंधक की संदिग्ध मौत

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कुशीनगर जिले के गोडरिया निवासी थे देवपालिक गुप्ता, प्रशांत किशोर की पार्टी ''जन सुराज'' में थे डिजिटल संचार प्रबंधक
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सोमवार को रांची से पटना जाने के दौरान जनशताब्दी एक्सप्रेस से हुए लापता
मंगलवार दोपहर रांची-मुरी रेलखंड पर जरवाडीह गांव के पास ट्रैक के पास मिला शव
गोडरिया (कुशीनगर)। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के गोडरिया निवासी और जन सुराज पार्टी के डिजिटल संचार प्रबंधक देवपालिक गुप्ता (21) की झारखंड में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वे सोमवार को रांची से पटना जाते समय ट्रेन से लापता हो गए थे, जिनका शव मंगलवार दोपहर को रांची जिले के मुरी जंक्शन के पास रेलखंड के नजदीक जंगल वाले इलाके में बरामद हुआ।
पिता बाबू लाल गुप्ता ने बताया कि देव पालिक गुप्ता सोमवार को जनशताब्दी एक्सप्रेस से रांची से पटना के लिए जा रहे थे। इस दौरान ही वह लापता हो गए। परिजन और सहयोगियों की मदद से उनकी तलाश की जा रही थी। मंगलवार दोपहर को पुलिस ने रांची-मुरी रेलखंड पर अनगड़ा थाना क्षेत्र के जरवाडीह गांव के पास रेलवे ट्रैक के नजदीक जंगल से उनका शव मिला। पुलिस की प्रारंभिक जांच में उनकी मौत चलती ट्रेन से गिरने से होने की आशंका जताई जा रही है। लेकिन मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
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गोड़रिया बाजार में पसरा मातम
गोड़रिया। जन सुराज पार्टी के डिजिटल संचार प्रबंधक देव पालिक गुप्ता (21) की मौत की सूचना जैसे ही गोड़रिया बाजार पहुंची, पूरे इलाके में मातम पसर गया। सोमवार को ट्रेन यात्रा के दौरान अचानक लापता हुए होनहार बेटे का शव मंगलवार को झारखंड के मुरी स्थित जंगल से बरामद होने की सूचना मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बहुत कम उम्र में मीडिया और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके देव पालिक के असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है और हर आंखें नम हैं।
विशुनपुरा थाना क्षेत्र के गोड़रिया बाजार निवासी बाबूलाल गुप्ता के पुत्र देव पालिक गुप्ता के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक है। मंगलवार दोपहर जैसे ही मुरी के जंगल में शव मिलने और देव पालिक के होने की पुष्टि हुई, घर में चीख-पुकार मच गई। शोक में डूबे गांव के कई घरों में मंगलवार को चूल्हे तक नहीं जले। वहीं परिजनों को ढाढ़स बंधाए जाने के लिए लोगों का जमावड़ा लग गया।
परिजनों के मुताबिक, देव पालिक 26 अक्तूबर को जनशताब्दी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12366) से झांसी से पटना के लिए रवाना हुए थे। मुरी रेलवे स्टेशन पार करते ही अचानक उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। संपर्क टूट जाने के बाद परिजन अनहोनी की आशंका को लेकर तलाश में जुटे हुए थे। फोन बंद होने के बाद भाई तारकेश्वर गुप्ता और जगजीवन (छोटू) लगातार अधिकारियों के संपर्क में थे।
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कम समय व कम उम्र में देव पालिक ने अच्छी पहचान हासिल की थी। जन सुराज पार्टी में डिजिटल संचार प्रबंधक से पहले जयपुर में एक दैनिक समाचार पत्र में काम किए थे। वहीं देव पालिक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं। ट्रेन के सफर से लेकर मुरी के जंगल तक शव मिलने की कड़ियों को लेकर सवाल बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौत की असली वजह पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही साफ हो पाएगी।
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