तीन दिवसीय उत्सव और 108 नदियों के जल से हुआ संस्कृतियों का समावेश, पर्यटन को पंख लगने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जय श्री सूर्यदेव..हर हर महादेव...जय श्री राम। जन-जन के आराध्य भगवान भास्कर की धरती सूर्यनगरी इन्हीं नारों से गुंजायमान रही। प्राकट्य उत्सव सोमवार को श्रावण मास के दिन धूमधाम से मनाया गया। नदियों के जल से अभिषेक के बाद जहां लोग प्रसाद लेकर गंतव्य को जाने लगे, वहीं, फिर मिलेंगे के वादे के साथ एक सुर में लोगों की आवाज़ सूर्य मंदिर के विकास के संदर्भ में गूंजने लगी।
वहीं, 42 वर्ष बाद हुए सूर्य मूर्ति के प्राकट्य उत्सव ने पर्यटन विकास की उम्मीद को बढ़ा दिया। दूर-दूर से जुटे जल से जहां कई संस्कृतियों का रंग तुर्कपट्टी में मिला है, वहीं, लोगों के जुटने से आत्मीयता में भी बढ़ोतरी हुई है।
सूर्य मंदिर के भ्रमण करने का अवसर मिला है। खुशी हुई कि यहां ऐसे आयोजन होते रह रहे हैं। श्रद्धालुओं के दृष्टिकोण से यह मंदिर बड़ा ही प्रभावशाली है। सबके सहयोग से ऐसे आयोजन किसी भी धार्मिक स्थल को पहचान देते हैं। सरकार को चाहिए कि इसकी महत्ता के अनुरूप इसका विकास करे, ताकि इस मंदिर को कोणार्क की तरह विश्वपटल पर ख्याति मिल सके।
- प्रदीप राय, उपाध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन
जिले की धरती बड़ी ही धार्मिक है। सूर्य प्रतिमा गुप्तकालीन तो है ही, यहां ऐसे आयोजन इस धरती को और बेहतर बना रहे हैं। आज की भीड़ और 108 नदियों का संकलन इस उत्सव को सफल बनाने को काफी है। इस बार के प्राकट्य उत्सव से तमाम लोगों की नजरें इसपर आएंगी।
-महंत प्रद्युम्न पांडेय
तुर्कपट्टी में बाहरी वाहनों पर रही रोक
तुर्कपट्टी में सोमवार को भगवान भास्कर के प्राकट्य उत्सव को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था बदली गई थी। इसके तहत तुर्कपट्टी आने वाले वाहनों को रोक दिया गया। यह व्यवस्था सुबह से शाम तक लागू रही।
जी भर छुआ, दिल से किए दर्शन
श्रावण मास का सोमवार और दूसरी ओर प्राकट्य उत्सव। ऐसे में तुर्कपट्टी सूर्य मंदिर में सुबह छह बजे से ही लोग दर्शन करने पहुंचने लगे। यहां के शिव मंदिर में शिव के दर्शन को आतुर श्रद्धालुओं की आस्था और बढ़़ गई, जब प्रकाट्य उत्सव को देखते हुए श्रद्धालुओं को यह अनुमति थी कि वह गुप्तकालीन सूर्य की प्रतिमा को छूकर दर्शन कर सकते हैं। ऐसे में बढ़ती लाइनों में श्रद्धालुओं ने सूर्य की प्रतिमा को जी भर छुआ और अपनों की सलामती की कामना की। श्रद्धालु इस अद्भुत मौके को अपने कैमरों से दूर जाने देना नहीं चाहते थे। सुबह में भीड़ के बावजूद लोगों ने खूब सेल्फी ली।