तुर्कपट्टी(कुशीनगर)।सूर्य महोत्सव में शुक्रवार की शाम को कलाकारों ने भक्ति, शृंगार व व्यंग्यात्मक रचनाओं प्रस्तुत कर यादगार बना दिया। भजन गायक कौशलेंद्र व शिवेंद्र, गायिका पूजा मिश्रा व श्रेयांश के गीतों पर श्रोता झूमते रहे। इस दौरान कई क्षेत्रीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में मौजूद लोगों की वाहवाही बटोरी।
मुख्य अतिथि डॉ.पी के राय ने ऐसे आयोजन को सांस्कृतिक व ऐतिहासिक महत्व का बताया और कहा कि इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिए।सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। कलाकारों ने सबसे पहले गणेश वंदना और सूर्य महोत्सव के महत्व को गायन शैली में पिरोकर प्रस्तुत किया। फिर हिंदी और भोजपुरी के गीतों का दौर शुरू हुआ। कार्यक्रम में मुख्य कलाकार पूजा के साईं भजन तू जन्मो तक आशीष देना साईं, हमरे खातिर दुनिया में आइल हव आदि गीत सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कौशलेंद्र-शिवेंद्र के गीत ‘जबले जिनगी रहे कुशीनगर आवत रहीं’ तथा व्यंग्यात्मक गीत ‘जबसे चढ़ल भगोना प्राइमरी स्कूले में, गईल पढ़ाई चूल्हे में’ सुनाया तो लोग ताली बजाने लगे। श्रेयांश मिश्रा टोना लागे ना कांची उमरिया में ... सुनाकर माहौल को और खुशनुमा बना दिया। दूसरी तरफ दीपाली, दीपशिखा, आराध्या, आर्यन व कादिर के नृत्य पर दर्शक थिरकने को मजबूर हो गए। मुख्य कलाकार पूजा, कौशलेंद्र-शिवेंद्र सहित अन्य कलाकारों को आयोजक मंडल ने सम्मानित किया।आयोजक विनय राय ने अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। संचालन मनीष गौतम ने किया। इस दौरान महिमा राय, प्रदीप शंकर पांडेय, दयाशंकर पांडेय टुन्नू, पूर्व प्रमुख संजय गुप्ता, नारायणी शाही, जयप्रकाश राय, आनंद उपाध्याय, देवेंद्र सिंह, संजय दूबे, शशिकांत राव, आलोक तिवारी, वीरेंद्र शाही, आनंदेश्वर शाही, प्रवीण शाही, ब्रजेश राय, संजय शाही, केदार शाही, शैलेंद्र तिवारी, सुरेंद्र नाथ राय, राकेश श्रीवास्तव, संतोष राय सहित तमाम लोग मौजूद रहे।