‘अधिक बारिश से प्रभावित हो रही गन्ने की फसल’
- जिले में 567 करोड़ रुपये की गन्ने की फसल का नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीराज। गन्ना किसानों की आर्थिक आय का आधार कहे जाने वाले गन्ना की फसल कुशीनगर में प्राकृतिक आपदा की शिकार होती जा रही है। तीन वर्षों से लगातार गन्ना का क्षेत्रफल घट रहा है। जिले में लगभग 567 करोड़ रुपये के गन्ने की फसल का नुकसान अधिक बारिश की वजह से हुआ है।
यह बातें उत्तर प्रदेश गन्ना किसान संस्थान एवं प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच गोरखपुर के सहायक निदेशक ओपी गुप्ता ने कहीं। उन्होंने बताया है कि तीन वर्षों का आंकड़ा देखा जाए तो कुशीनगर में वर्ष 2019-20 में 100724 हेक्टेयर, वर्ष 2020-21 में 91115 हेक्टेयर और वर्तमान सत्र में 87519 हेक्टेयर गन्ने की बुवाई किसानों की तरफ से की गई। लगातार गन्ना का क्षेत्रफल घट रहा है। क्योंकि किसानों की यह नकदी फसल लगातार प्राकृतिक आपदा का शिकार हो रही है। जनपद के 1520 गन्ना ग्रामों में लगभग दो लाख बाइस हजार किसान गन्ना की खेती करते हैं। गन्ना की फसल के लगातार हो रहे नुकासन को लेकर किसानों में दुविधा की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने किसानों से सामान्य प्रजाति के गन्ने की बुवाई करने का सुझाव दिया है।