गन्ना तौल केंद्र लबनिया के मजदूर और ट्रक दूसरे तौल केंद्र पर स्थानांतरित कर दिए जाने से रविवार को किसानों ने नाराजगी जताई। किसानों ने क्रय केंद्र पर तौल रोककर धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने ठेकेदार और चीनी मिल पर इस क्षेत्र के लोगों के साथ पक्षपात करने का आरोप लगाया। तौल बंद होने से गन्ना लदी कई गाड़ियां खड़ी रहीं।
सेवरही चीनी मिल का एक गन्ना तौल केंद्र लबनिया में स्थापित है। वहां पगरा पड़री, राजा बसंतपुर, रामलगन राय, पड़री तिलक, पड़री विशुनदयाल, नौगांवा, लबनिया, अवरवा, मथौली आदि गांवों का गन्ना तौल होता है। बताया जा रहा है कि दो दिन पूर्व ठेकेदार ने इस केंद्र पर लगाए गए एक शिफ्ट के मजदूरों एवं कुछ ट्रकों को अन्यत्र भेज दिया। गन्ना तौल में समय अधिक लगने के कारण किसानों में नाराजगी है।
रविवार की सुबह दूसरी पाली के मजदूरों को भी भेजने की तैयारी हो रही थी। जब किसानों को इसकी जानकारी हुई तो वे तौल केंद्र पहुंच गए। अभी पहले ट्रक पर मात्र तीन गाड़ी गन्ना ही लोड हो पाया था कि किसानों ने गन्ना लोडिंग रोक दी। उसके बाद धरना प्रदर्शन करने लगे। गन्ना किसान तुफ ानी यादव, संतोष सिंह, सुभाष सिंह, नागेंद्र गुप्ता, भरत प्रसाद, रविंद्र सिंह आदि का कहना था कि इस केंद्र से जुडे़ किसानों के साथ पहले ही चीनी मिल प्रबंधन पक्षपात करते हुए तौल पर्ची नहीं दे रहा था। अब जब पर्चियां आ रही हैं तो ठेकेदार यहां से मजदूरों को हटाकर जाम की स्थिति पैदा कर दिया है। शाम तक यार्ड में आधा लोड किए एक ट्रक एवं गन्ना लदी 40 गाड़ियां खड़ी थीं। धरना प्रदर्शन में नगनारायण सिंह, श्याम बहादुर सिंह, धर्मेंद्र प्रसाद, हेमंत यादव, विकास, दूधनाथ कुशवाहा, कन्हैया गिरी, ओम प्रकाश, बैजनाथ, दिनेश, काशी गुप्ता, बंसराज आदि किसान शामिल थे।
इस संबंध में ठेकेदार बुनेला राय का कहना था कि कई दिनों से गन्ना के अभाव में मजदूर बैठे हुए थे। इस कारण उन्हें दूसरे केंद्र पर भेजा गया था। वहीं तौल केंद्र के प्रभारी रामध्यान कुशवाहा का कहना था कि वह तौल केंद्र पर गन्ना तौल कराने के लिए नियुक्त हुए हैं। किसानों ने तौल करने से रोक दिया है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। अधिकारी जैसा निर्देश देंगे, वैसा किया जाएगा।