मेडिकल काॅलेज में लगी रोगियों की भीड़। संवाद
पडरौना। उमस और गर्मी में डायबिटीज के मरीजों में शुगर का लेवल बढ़ रहा है। पानी की कमी, तनाव और गर्मी की वजह से शरीर का कामकाज प्रभावित होता है। थकावट व सुस्ती की समस्या से लोग ग्रसित हो रहे हैं। नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार और पर्याप्त मात्रा में लिक्विड लेने से इससे बचा जा सकता है। मेडिकल कॉलेज में शुगर बढ़ने की समस्या को लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। रोजाना करीब 40 से 50 मरीज आ रहे हैं। डॉक्टर परीक्षण व जांच के बाद दवा दे रहे हैं। साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है और डाइड भी एडवाइज की जा रही है।
तापमान बढ़ रहा है, जिससे गर्मी बढ़ी है। इससे हर कोई परेशान है। इसका असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। डायबिटीज के मरीजों को शुगर का लेवल बढ़ रहा है, जिससे उन्हें दिक्कत होती है। उमस और गर्मी की वजह से शरीर से अधिक पसीना निकलता है। इससे एजर्ली लास होती है और पानी की कमी हो जाती है। इससे डायबिटीज के मरीजों के ब्लड में ग्लूकोज का स्तर अधिक केंद्रित हो जाता है और ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। ब्लड में पर्याप्त पानी की मात्रा न होने से ब्लड गाढ़ा हो जाता है, जिससे मरीज अचानक बेहोश हो सकता है और लगवा ग्रस्त भी हो सकता है। गर्मी से तनाव भी बढ़ सकता है। इससे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो खून में शुगर को बढ़ाता है, जबकि गर्मी के कारण ब्लड नलियां फैल जाती हैं।