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Kushinagar News: कृषि विश्वविद्यालय में शुरू होगी पढ़ाई... 30 छात्रों का होगा पहला बैच

Mon, 23 Jun 2025 01:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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गुरवलिया बाजार (कुशीनगर)। महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि का कार्य तेजी से चल रहा है। इस बीच विश्वविद्यालय अंतर्गत स्नातक प्रथम बैच की कक्षाओं के संचालन के लिए विभागीय स्तर पर पद सेक्शन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस वर्ष दाखिला वेबसाइट पर महात्मा बुद्ध कृषि विश्विद्यालय का नाम होने के कारण विद्यार्थियों ने भी लिखित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से यहां से स्नातक के लिए विकल्प को चुना है। जुलाई में मेरिट के आधार पर जब काउंसलिंग होगी तो छात्र-छात्राएं दाखिला लेंगे। पहला बैच 30 छात्रों का होगा, जहां वह बायोटेक शुगर टेक्नोलॉजी और बीटेक शुगर टेक्नोलॉजी विषय पर यूजी की पढ़ाई करेंगे। कृषि विश्विद्यालय के प्रभारी कुलपति विजेंद्र सिंह ने बताया कि शासन स्तर से इस वर्ष यहां से कक्षाओं के संचालन के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का निर्माण शुरू हो गया है और दो वर्ष में पूरा होगा। निर्माण कार्य पूरा होने तक विद्यार्थियों को विवि से जोड़ने और गन्ना अनुसंधान केंद्र बभनौली के संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के उद्देश्य से शासन ने सेवरही के बभनौली में शुगर तकनीक विषय पर स्नातक कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए शैक्षिक सत्र 2025-2026 में यूजी की पढ़ाई के लिए शासन स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं।फैकल्टी के पदों के सृजन की प्रक्रिया पर विचार हो रहा है तो वहीं बायोटेक शुगर टेक्नोलॉजी और बीटेक शुगर टेक्नोलॉजी से स्नातक करने वाले छात्रों ने एंट्रेंस टेस्ट भी दे दिया है। जिसमें इस बार वेबसाइट पर कुशीनगर विश्वविद्यालय का नाम दिखने से विद्यार्थियों ने रुचि लिया है। अब जुलाई में प्राप्तांक और मेरिट के आधार पर काउंसलिंग होगी और अगस्त अंत और सितंबर प्रथम सप्ताह तक पहला बैच शुरू होगा जहां छात्र गन्ना प्रजनन के अलावा प्रसंस्करण और मशीनीकरण के विषय में अध्ययन करेंगे।

फैकल्टी और हॉस्टल के लिए मिले थे दो करोड़



गेंदा सिंह गन्ना अनुसंधान केंद्र अंतर्गत प्रयोगशाला, प्रशासनिक भवन, गेस्ट हाउस,कृषक हॉस्टल और अन्य कर्मचारियों के लिए बने उच्च श्रेणी के कमरे कृषि विश्विद्यालय अंतर्गत बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई में रुचि लेने वाले प्रथम बैच के छात्रों के लिए चुना गया था। इसके लिए स्वयं आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्विद्यालय अयोध्या के कुलपति और महात्मा बुद्ध कृषि विवि के प्रभारी कुलपति डॉ. विजेंद्र सिंह ने निरीक्षण कर फाइनल किया था।कक्षाओं के संचालन के लिए इस बार के बजट में कृषि विश्वविद्यालय के 100 करोड़ के अतिरिक्त छात्रों के प्रयोगशाला, छात्रावास फैकल्टी के मीटिंग रूम आदि विभिन्न कार्यों के लिए अलग से दो करोड़ रुपये की व्यवस्था भी हुई थी लेकिन पदों के सृजन न होने के कारण शासन संस्थान को टेकओवर नहीं कर रहा है। विभिन्न पदों के सृजन के बाद विभागीय स्तर पर टेकओवर होगा उसके बाद धन पर कार्य कराए जाएंगे। विभाग के अनुसार पदों के सृजन के लिए पहल शुरू हो गई हैं जिसके बाद संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों को उनके कार्य इच्छा के अनुसार फैकल्टी में एडजस्ट किया जाएगा।
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रिसर्च भी करेंगे छात्र



कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी कृषि के 30 छात्र-छात्राएं पढ़ाई के साथ ही शोध कार्य भी कर सकेंगे। इसके लिए गेंदा सिंह अनुसंधान केंद्र स्थित रिसर्च सेंटर का प्रयोग किया जाएगा। यहां उन्नत बीज,कृषि यंत्र व उर्वरकों को लेकर नए-नए शोध किए जाएंगे।गन्ने पर यहां के वैज्ञानिकों के बाद अब युवा छात्र भी किसानों से रूबरू होंगे और अपनी ज्ञान का प्रसार करेंगे।



प्रभारी कुलपति, कृषि विश्वविद्यालय कुशीनगर डॉ. विजेंद्र सिंह ने कहा कि शैक्षिक सत्र 2025-2026 में कृषि विश्वविद्यालय अंतर्गत इस वर्ष हर हाल में पढ़ाई शुरू होगी। हमारा प्रयास 30 छात्रों के बैच का है। पद सृजन पर विचार हो रहा है। इसके बाद हम टेकओवर करेंगे। कृषि मंत्री खुद रुचि ले रहे हैं। विद्यार्थियों ने प्रवेश परीक्षा में प्रतिभाग किया है, देखना होगा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से कितने विद्यार्थी यहां विवि में दाखिला लेते हैं। इस बार वेबसाइट पर यहां का नाम अंकित था।
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