पडरौना। बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास की एक और पहल हुई है। विद्यार्थियों को विद्यालय में वीरता की कहानी सुताई जाएगी। प्रोजेक्ट वीर गाथा के अंतर्गत उन्हें वीरता पुरस्कार विजेताओं से जुड़ी कहानी व अन्य चीजों से अवगत कराया जाएगा।
शिक्षा और रक्षा मंत्रालय की ओर से विद्यार्थियों में बाल्यावस्था से ही साहस के गुणों का विकास करने के लिए प्रोजेक्ट वीर गाथा शुरू किया गया है। इसमें सभी बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों को शामिल किया जाएगा। सर्वप्रथम विद्यालयों में विद्यार्थियों को कम से कम पांच वीरता पुरस्कार के विजेताओं की कहानी सुनाई जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि किस तरह विजेताओं ने अपनी सूझबूझ और साहस से वीरतापूर्ण कारनामे कर दिखाए।
इसके बाद विद्यालय में प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। विद्यार्थी कविता, निबंध व कहानी के माध्यम से अपने विचार रखेंगे। कला और मल्टीमीडिया से जुड़े प्रोजेक्ट भी इसमें सम्मिलित होंगे। इनको रक्षा मंत्रालय के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय इसका परिणाम गणतंत्र दिवस समारोह के पूर्व करेगा। इस अवसर पर विजेताओं को सम्मानित भी किया जाएगा। डीसी माध्यमिक विष्णुप्रभागार पांडेय ने बताया कि वीरगाथा प्रोजेक्ट के तहत सभी विद्यालयों को कम से कम चार बच्चों का नामांकन करते हुए उनकी सूचना भेजने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इस प्रतियोगिता में सभी विद्यालयों से छात्र-छात्राओं को प्रतिभाग कराना अनिवार्य है। नामांकन कराने के लिए वेबसाइट खोल दी गई है।