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Kushinagar News: शुल्क बढ़ोतरी वापस करने की मांग पर छात्र नेताओं का हंगामा, पुलिस ले गई थाने

Sun, 21 May 2023 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना उदित नारायण डिग्री कॉलेज में शुल्क वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन करते छात्र।संवाद
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फोटो है।
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प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं ने कॉलेज के कुछ कर्मचारियों पर लगाया अभद्रता का आरोप
प्राचार्य बोलीं : बढ़ा शुल्क पहले ही वापस करने के लिए छात्रों को दे दी गई थी सूचना

संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। शहर के उदित नारायण पीजी कॉलेज में शुल्क बढ़ोतरी को वापस करने की मांग को लेकर शनिवार को छात्र नेताओं ने जोरदार हंगामा किया। कॉलेज प्रशासन के मनाने के बाद भी छात्र नेता मांगें पूरी होने तक वार्ता करने को तैयार नहीं थे। नाराज छात्रनेता कॉलेज का शुल्क काउंटर बंद कराकर प्राचार्य पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे। प्राचार्य की सूचना पर पहुंची पुलिस सभी छात्रनेताओं को कोतवाली ले गई, जहां करीब दो घंटे तक बैठाए रखने के बाद उन्हें समझा-बुझाकर छोड़ दिया।
कॉलेज परिसर में प्रदर्शन कर रहे धवन जायसवाल, अभिषेक श्रीवास्तव, ज्ञान प्रकाश सिंह, मनोज यादव, धनेश यादव, रामलखन यादव, सत्यम पाठक, सर्वेंद्र कुशवाहा, रजनीश शर्मा और श्याम चौहान का कहना था कि विश्वविद्यालय की तरफ से बैक पेपर परीक्षा फार्म भरने के लिए महज पांच सौ रुपये निर्धारित किए गए हैं। लेकिन कॉलेज प्रशासन पांच सौ रुपये के स्थान पर 1,500 रुपये छात्र-छात्राओं से ले रहा है।
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इसके अलावा बीते कई वर्ष से 150 रुपये में मिलने वाले प्रवेश फाॅर्म का मूल्य बढ़ाकर इस वर्ष दो सौ रुपये कर दिया गया है। इससे गरीब छात्र-छात्राओं के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि उदित नारायण पीजी कॉलेज का नाम, जिनके नाम पर रखा गया है, उन्हीं महापुरुष का फोटो फॉर्म से इस बार हटा दिया गया है। इससे कॉलेज की पहचान मिट रही है।
छात्रनेताओं ने कॉलेज के एक कर्मचारी पर अभद्रता करने का भी आरोप लगाया। छात्रनेताओं का उग्र प्रदर्शन देख महाविद्यालय प्रशासन ने पहले उन्हें मनाने का प्रयास किया, लेकिन छात्रनेता उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन करने पर अड़े रहे। काफी देर तक चले मान-मनौवल के बाद छात्र नेता कॉलेज प्रशासन की बात मानने के बजाय और उग्र होकर कॉलेज का शुल्क काउंटर बंद कराने लगे।
इस दौरान कुछ कर्मचारियों से उनकी झड़प भी हुई। छात्रनेताओं का आंदोलन विवाद में न बदल जाए, इसे देख कॉलेज प्रशासन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। कुछ देर बाद वहां पहुंचे पडरौना के कोतवाल राज प्रकाश सिंह प्रदर्शन कर रहे सभी छात्रनेताओं को कोतवाली लाए। करीब दो घंटे तक कोतवाली में बैठाने के बाद उन्हें समझा बुझाकर घर भेज दिया।

कोतवाल बोले
कॉलेज प्रशासन की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। वहां प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं को पहले वहीं समझाया गया, लेकिन छात्रनेता प्राचार्य को बुलाने की मांग पर अड़े थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आंदोलन कर रहे सभी छात्रनेताओं को कोतवाली लाया गया। यहां उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया गया है। इसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
-राजप्रकाश सिंह, कोतवाल, पडरौना
प्राचार्य बोलीं
बीते आठ वर्ष से प्रवेश फाॅर्म का शुल्क नहीं बढ़ा था। इस वर्ष उसमें केवल 50 रुपये बढ़ोतरी कर दो सौ रुपये कर दिया गया है। रही बात बैक पेपर के शुल्क वृद्धि की, तो बीते 16 मई को विश्वविद्यालय ने इसके लिए वेबसाइट खोली थी। उस समय शुल्क के बारे में कोई जिक्र नहीं किया था। इसलिए पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी विद्यार्थियों से 1,500 रुपये शुल्क लिया गया, लेकिन बीते 18 मई को जब इसके लिए परीक्षा फाॅर्म डाउनलोड किया तो उसमें परीक्षा के नाम पर केवल पांच सौ रुपये लेने के निर्देश मिले। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने विश्वविद्यालय के निर्देश पर फारवर्डिंग शुल्क, ऑनलाइन शुल्क, प्रवेश पत्र और नामिनल रोल समेत अन्य शुल्क के नाम पर कुल सात सौ रुपये निर्धारित कर शेष रुपये संबंधित छात्र-छात्राओं को वापस करने के लिए पहले ही नोटिस बोर्ड पर सूचना चस्पा कर दिया था।
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-प्रो. ममता मणि त्रिपाठी, प्राचार्य
उदित नारायण पीजी कॉलेज, पडरौना
छात्रनेताओं को मनाने की हुई कोशिश
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छात्रनेताओं को मनाने के लिए पहले कॉलेज प्रशासन की तरफ से भरपूर कोशिश की गई, लेकिन वे नहीं माने। उल्टे उग्र होकर कॉलेज के शुल्क काउंटर को बंद कराने लगे। कॉलेज में परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में कॉलेज का माहौल खराब न हो, इसे देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई। कहा गया कि कॉलेज प्रशासन के कर्मचारियों पर छात्रनेताओं की तरफ से लगाया जा रहा अभद्रता करने का आरोप गलत है। यदि किसी भी छात्र-छात्रा को कोई समस्या हो तो वे सीधे कार्यालय में आकर संपर्क करें। यदि उनकी समस्या सही है तो कॉलेज प्रशासन की तरफ से प्रवेश फाॅर्म शुल्क से लेकर अन्य शुल्कों में भी रियायत देने की भरपूर कोशिश की जाएगी।
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