पडरौना। अपनी तेरह मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के सभी कर्मचारी बृहस्पतिवार को एकदिवसीय हड़ताल पर रहे। इन कर्मचारियों ने अपना ज्ञापन एडीएम को सौंपा। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण कलेक्ट्रेट में कार्य नहीं हुआ और वहां पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
ये कर्मचारी कलेक्ट्रेट का नाम जनपद सचिवालय घोषित करने, कलेक्ट्रेट लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के 10 प्रतिशत पदों पर प्रोन्नति करने, लेखा का कार्य संपादित करने वाले पटल सहायकों को लेखा संवर्ग का वेतन देने सहित 13 मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में कर्मचारियों की मांग थी कि कलेक्ट्रेट का नाम कार्यालय जिलाधिकारी के स्थान जनपद सचिवालय घोषित किया जाए, कलेक्ट्रेट लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के 10 प्रतिशत पदों पर प्रोन्नति की जाए, लेखा का कार्य संपादित करने वाले पटल सहायकों को लेखा संवर्ग का वेतन दिया जाए। इसके अलावा नवसृजित जनपदों एवं तहसीलों में कलेक्ट्रेट लिपिक वर्ग नियमावली के तहत पदों का सृजन करने, संघ के कार्यालय के लिए दारुलसफा में कक्ष का आवंटन करने, समान कार्य के समान वेतन के सिद्घांत के आधार पर कलेक्ट्रेट कर्मियों को सचिवालय के बराबर वेतन भत्ता देने समेत 13 सूत्री मांगें शामिल हैं।
संगठन के जिलाध्यक्ष ने कहा कि इन 13 मांगों को लेकर शुक्रवार को संगठन लखनऊ में भी धरना प्रदर्शन करेगा। कर्मचारी हित सर्वोपरि है, इसके लिए संगठन अपनी मांगों को इतर समझौता नहीं करेगा।
कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिले के दूर-दूर से आए लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ठंड के मौसम में लोग इधर-उधर कर्मचारियों को तलाशते रहे। कुछ लोग अपने कार्य को लेकर कर्मचारियों से मिन्नतें भी करते रहे।
इस दौरान अशोक कुमौर पाठक, प्रभुनंद उपाध्याय, अतुल श्रीवास्तव, बृजेश कुमार पाठक, राजकुमार गुप्ता, विनोद पासवान, राकेश कुमार गौतम, रवि कुमार श्रीवास्तव, गोपालनाथ तिवारी, आशीष दुबे, अशोक कुमार श्रीवास्तव, राजेश कुमार, जीत बहादुर, इश्तेयाक, संतोष, अमानत, राजीव कुमार जायसवाल सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे।