पडरौना। मेडिकल कॉलेज में जलनिकासी की समस्या से बहुत जल्द निजात मिल जाएगी। इसके लिए एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाया जाएगा। इस संबंध में जल निगम शहरी के प्रस्ताव को शासन मंजूरी दे दी है। मार्च में बजट स्वीकृत होने की उम्मीद है। एसटीपी पर इस करीब 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश, कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सुभाष गुप्ता, सीएमएस डॉ. दिलीप जायसवाल ने जल निगम के सहायक अभियंता के साथ परिसर का जायजा लिया।
मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग बन जाने के बाद पुराने भवन और एमसीएच विंग के कैंपस में नाली का पानी भर जाता है। इससे बरसात में आना-जाना मुश्किल हो जाता है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने डीएम महेंद्र सिंह तंवर को इस समस्या से अवगत कराया था। डीएम की पहल पर जल निगम शहरी ने इसका नक्शा और एस्टीमेट शासन को भेजा है। एसटीपी के अलावा जल निकासी के लिए मुख्य नाले का निर्माण कराया जाएगा। इस पर करीब 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके निर्माण के बाद जलभराव की समस्या से स्थायी निजात मिल जाएगी। निरीक्षण के दौरान जल निगम शहरी के सहायक अभियंता दिनेश चंद्रा ने सीएमएओ और कार्यवाहक प्राचार्य को एस्टीमेट के बारे में बताया।