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बचाव कार्य बंद,नदी का कटान जारी

Mon, 08 Jan 2018 12:32 AM IST
कुशीनगर (ब्यूरो)
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बचाव कार्य बंद,नदी का कटान जारी - फोटो : अमर उजाला
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तमकुहीरोड(कुशीनगर)। कुशीनगर ‌जनपद के अहिरौलीदान में गंडक नदी के कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड विभाग की ओर से कराया जा रहा बचाव कार्य एक सप्ताह से बंद है। लगातार कटान होने से इससे सर्वाधिक प्रभावित अहिरौलीदान गांव के खैरखुटा समेत चार टोलों पर एक बार फिर खतरा बढ़ गया है। गांववालों का कहना है कि जब तक कटान रोकने के काम में बोल्डर का इस्तेमाल नहीं होगा, तब तक इस समस्या बनी रहेगी।
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वर्ष 2017 अहिरौलीदान के लोगों के लिए काफी हानिकारक साबित हुआ है। मानसून सत्र में आई बाढ़ से जहां अहिरौलीदान के घनी आबादी वाले दो टोलों कंचन टोला व चित्तू टोला का गंडक नदी के कटान के चलते अस्तित्व ही समाप्त हो गया। 

वहीं, नवंबर व दिसंबर में दूसरी बार गंडक नदी में कटान तेज हो जाने से खैरखुटा गांव के आठ रिहायशी मकान नदी की धारा में विलीन हो गए। यहां के 12 से अधिक लोगों को अपना पक्का मकान तोड़कर पलायन करने के लिए विवश होना पड़ा। साथ ही सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि अब तक कटान की भेंट चढ़ चुकी है।बाद में आपदा प्रबंधन की टीम की रिपोर्ट पर बाढ़ खंड विभाग ने खैरखुटा समेत मदुरही, नोनिया पट्टी और कचहरी टोला में मिट्टी से भरे बोरों व बंबूक्रेट से बचाव कार्य शुरू कराया था। हालांकि बचाव कार्य की स्थिति यह थी कि दिन में जो भी काम कराया जाता था, वह रात में नदी की धारा में विलीन हो जाता था। अब जबकि बचाव कार्य बंद हो गया है और कटान अब भी जारी है, तो गांव वालों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। कटान से प्रभावित विनोद चौहान, महेश चौहान, बाबूलाल चौहान, रामबिलास शर्मा, जगदीश, मैनेजर, अदालत, बलिस्टर, भगवान, उमेश, योगेंद्र,  गाम्हा आदि का कहना है कि जब तक कटान रोकने में बोल्डर का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, तब तक कटान की समस्या बनी रह सकती है।
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