कुशीनगर। गोपनीय सूचनाएं लीक करने और गंभीर आपराधिक मामलों में उच्चाधिकारियों को भ्रामक जानकारी देने के आरोप में थानाध्यक्ष तमकुहीराज गिरजेश उपाध्याय को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसपी ने शुक्रवार को यह कार्रवाई की।
अवैध मोरंग कारोबार पर लगाम लगाने के लिए जिले स्तर से हाईवे से जुड़े थानाध्यक्षों की निगरानी की जा रही थी। इसमें थानाध्यक्ष तमकुहीराज की भूमिका संदिग्ध पाई गई। वे अवैध मोरंग कारोबार पर नियंत्रण में विफल रहे। कई अन्य गंभीर मामलों में भी उनकी भूमिका संदिग्ध मिली थी। थानाध्यक्ष उच्चाधिकारियों को लगातार भ्रामक जानकारी दे रहे थे। पुलिस अधीक्षक की क्रॉस चेकिंग में यह पूरा मामला उजागर हुआ। हमीरपुर जिले में फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर वसूली करने वाले गिरोह के बारे में भी थानाध्यक्ष ने उच्चाधिकारियों को गलत जानकारी दी थी। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने इन सभी मामलों को गंभीरता से लिया। उन्होंने थानाध्यक्ष गिरजेश उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया।
फर्जी जीएसटी अधिकारी गिरोह पर कार्रवाई
फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर वसूली करने वाले आरोपियों की तमकुहीराज थाना क्षेत्र में सक्रियता सामने आई थी। इस जानकारी को पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने गंभीरता से लिया। इसके बाद सीओ तमकुहीराज जयंत कुमार की निगरानी में तरया सुजान पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने नगर पंचायत तमकुहीराज के वार्ड नंबर 14 चंद्रशेखर आजाद नगर निवासी चार आरोपियों को मंगलवार देर रात गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस विभाग में हड़कंप
थानाध्यक्ष तमकुहीराज को लाइन हाजिर करने की सूचना बृहस्पतिवार को वायरलेस सेट के माध्यम से प्रसारित की गई। इस खबर से पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि गिरजेश उपाध्याय ने गोपनीय सूचनाएं लीक की थीं। इस कार्रवाई से लापरवाह पुलिसकर्मियों को भी कड़ा संदेश दिया गया है कि गलती करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।