उन्नीस साल से बंद पड़ी कठकुइयां चीनी मिल की नीलामी के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच रविवार को क्रेता राजेंद्र इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के लोग स्क्रैप कटवाने के लिए पहुंचे। शुरुआत में तो उन्हें किसानों और स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन एसडीएम, सीओ और डीसीओ के साथ पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और उनके समझाने के बाद स्क्रैप काटने का काम शुरू हो गया।
कानपुर सुगर वर्क्स की कठकुइयां चीनी मिल वर्ष 1998 में बंद हो गई थी। वर्ष 2011 में नालामी के दौरान राजेंद्र इस्पात प्राइवेट लिमिटेड ने उसे खरीद लिया। बाद में क्रेता ने हाईकोर्ट इलाहाबाद में सुरक्षा के लिए कंटंप्ट कर दिया। हाईकोर्ट की तरफ से सुरक्षा संबंधी आदेश मिलने के बाद एसडीएम सदर गणेश प्रसाद, सीओ श्रीश्चंद्र और डीसीओ वेदप्रकाश सिंह के साथ कंपनी के लोग पहुंचे। साथ में पुलिसफोर्स भी थी।
चूंकि इस चीनी मिल पर किसानों का 5 करोड़ 60 लाख रुपये अब भी बाकी है। इसी तरह कर्मचारियों के भी काफी रुपये बाकी हैं। इसलिए युवा नेता मनोज सिंह की अगुवाई में किसानों और स्थानीय लोगों ने कुछ देर के लिए विरोध किया, लेकिन समझाने पर शांत हुए। चीनी मिल में स्क्रैप काटने का काम शुरू हो गया। डीसीओ वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई हाईकोर्ट इलाहाबाद के आदेश पर हुई है। स्क्रैप ले जाने में अभी महीने भर का समय लगेगा।
इस दौरान कुबेरस्थान, बरवापट्टी, हनुमानगंज, जटहां बाजार, नेबुआ नौरंगिया थाने की पुलिस, पीएसी और फायर ब्रिगेड दस्ता तैनात था।