बरवापट्टी। क्षेत्र के दशहवा गांव में रविवार की रात रामलीला का मंचन शुरू हुआ। पहले दिन रावण के जन्म की कथा का मंचन हुआ।
कलाकारों ने सबसे पहले भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप की आरती उतारी। राम लीला में ऋषि विश्वश्रवा की दूसरी पत्नी कैकसी गर्भधारण करती हैं। समय पूरा होने पर उन्हें रावण, कुंभकरण और विभीषण समेत तीन पुत्रों की प्राप्ति होती है। धन के देवता कुबेर रावण के सौतेले भाई हैं। माता-पिता के कहने पर रावण, कुंभकर्ण और विभीषण जंगल में तपस्या करने लगते हैं। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर परमपिता ब्रह्मा प्रकट हुए। उन्होंने तीनों भाइयों को इच्छानुसार वरदान मांगने के लिए कहा। रावण त्रिलोक विजेता और बलशाली होने का वर मांगता है, जबकि कुंभकर्ण छह माह की निद्रा और विभीषण ने प्रभु चरणों में जीवन-यापन का वर मांगता हैं। ब्रह्मा से वरदान मिलने के बाद रावण देवी देवताओं और ऋषि मुनियों पर अत्याचार करने लगा। इस दौरान सन्नुलाह अंसारी, रामाकांत गुप्त, मंटू, बेदर्दी, राजू आदि मौजूद रहे।