पडरौना। शटडाउन, ब्रेकडाउन या लोकल फाल्ट के नाम पर मनमर्जी से लॉग बुक पर विवरण दर्ज करने की एसएसओ की मनमानी अब नहीं चलने वाली है। इसका कारण है वर्कफोर्स एप। इस एप पर शटडाउन, ब्रेकडाउन, लोकल फाल्ट, ट्रिपिंग आदि की जानकारी अंकित करनी होगी। इससे उच्चाधिकारी रियल टाइम मॉनिटरिंग कर सकेंगे। जानकारी के अनुसार हाल ही में बिजली निगम की ओर से शटडाउन, ब्रेकडाउन या लोकल फाल्ट आदि संबंधी विवरण दर्ज करने के लिए वर्कफोर्स एप जारी किया गया है। इससे उच्चाधिकारी रियल टाइम मॉनिटरिंग कर सकेंगे जिससे एसएसओ की मनमानी नहीं चलेगी। इस संबंध में हाल ही में हाईकमान की ओर से निर्देश भी जारी किया गया है।
इसमें बताया गया है कि वर्कफार्स एप पर अंकित शटडाउन या ब्रेकडाउन के माध्यम से विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों पर विद्युत आपूर्ति की स्थिति की वास्तविक टाइम पर मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी। इस प्रणाली से उच्चाधिकारियों को आपूर्ति संबंधी समस्याओं के चिन्हीकरण एवं उनके शीघ्र निस्तारण में सहायता मिलेगी। इससे विद्युत वितरण प्रणाली में सुधार होगा। यह एप विद्युत आपूर्ति की सूचना संचार को भी बेहतर बनाने में सहायक है। सभी स्तर के कार्मिकों के पास आपूर्ति की स्थिति पर अद्यतन जानकारी डैशबोर्ड के माध्यम से आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
सूत्रों के अनुसार इस एप पर अंकित शटडाउन या ब्रेकडाउन संबंधित सूचना को लेकर जिले में यह संज्ञान में आया है कि कुछ एसएसओ की ओर से एप पर लॉग बुक पर अंकित समस्त शटडाउन या ब्रेकडाउन का अंकन नहीं किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त शटडाउन या ब्रेकडाउन के अंकन में डाउन इन्फो, फाल्ट का कारण, डाउन ऑवर्स इत्यादि के चयन में भी गलतियां की जा रही हैं। जबकि वर्कफोर्स एप के प्रयोग का डिस्कॉम की ओर से समस्त अधिशासी अभियन्ताओं, सहायक अभियन्ताओं, अवर अभियन्ताओं, एसएसओ को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एप के प्रयोग के संबंध में कई बार प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा चुका है।
जब इस संबंध में विद्युत वितरण केंद्र पडरौना के एक्सईएन संजय सागर से बात की गई तो उन्हाेंने बताया कि हाल ही में यह एप जारी किया गया है। इस पर शटडाउन या ब्रेकडाउन आदि संबंधी जानकारी अंकित की जाती है। इससे रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी।