कस्बे के श्रीराम-जानकी मठ से बुधवार की सुबह 1008 कन्याओं ने जब सिर पर कलश रखकर यात्रा प्रारंभ की तो जय श्रीराम के जयघोष से पूरा मठ गुंजायमान हो गया। हाथी-घोड़े और गाजे-बाजे के बीच भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ाें की संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए।
बसंत पंचमी के अवसर पर कसया कस्बे के श्रीराम-जानकी मठ पर बुधवार से श्रीराम महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। सबसे पहले कलश यात्रा निकाली गई, इसमें पीतांबर धारण की कन्याएं शामिल हुईं। इनकी तादाद 1008 रही। इनके अलावा महिला श्रद्धालु भी कलश यात्रा में शामिल हुईं। आगे-आगे हाथी-घोड़े और गाजे-बाजे चल रहे थे तो पीछे सिर पर कलश लिए कन्याएं चल रही थीं।
श्रीराम-जानकी मठ से शुरू हुई कलश यात्रा जयकारे के साथ नगर भ्रमण करती हुई कुशीनगर के लीलावती देवी स्टेडियम पहुंची। वहां विश्राम के बाद कलश यात्रा हेतिमपुर में छोटी गंडक के किनारे पहुंचीं, जहां कलशों में नदी से जल भरा गया। जल भरने के बाद वापस कसया कस्बे के स्टेशन रोड, गांधी चौक, अमियनगर, सपहां रोड होते हुए कलश यात्रा यज्ञ मंडप में पहुंचकर समाप्त हुई। जय श्रीराम के जयघोष से पूरा यज्ञमंडप गूंज गया।
कलश यात्रा में महंत त्रिभुवन शरण, पुजारी देवशरण दास, रजनीकांत मणि त्रिपाठी, कुश कुमार, विजय कुमार, अनिल कुमार, अमरचंद, राकेश जायसवाल, ओमप्रकाश वर्मा, रविंद्र विश्वकर्मा, महेश जायसवाल, पवन कुमार, मंटू जायसवाल सहित काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे।