परशुराम कुशवाहा और पत्नी छठिया देवी। संवाद
तमकुहीराज। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव से पहले बार्डर पर तैनात सैनिकों से परिजनों की आसानी से बातचीत हो जाती थी लेकिन तनाव के बाद अब उनके फोन का इंतजार घरवालों को रह रहा है। टीवी या खबरों को देख घर वालों की धड़कनें बढ़ रही हैं और सैनिक बेटों व देश की सुरक्षा की चिंता सता रही है। बावजूद इसके मां-बाप का सीना गर्व से चौड़ा है कि बेटे देश की हिफाजत मुस्तैदी से कर रहे हैं। तमकुहीराज थाना क्षेत्र के विशुनपुरा निवासी परशुराम कुशवाहा व छठिया देवी के छह बेटा व एक बेटी हैं। इसमें से दूसरे बेटे तेजप्रताप व पांचवें बेटे सेना के जवान है। एक एनएसजी के कमांडो है तो वहीं दूसरे एयर डिफेन्स में सैनिक के पद पर कार्यरत हैं। तेजप्रताप की वर्तमान तैनाती दिल्ली में है तो वही गोविंद कुशवाहा की तैनाती पंजाब के सीमावर्ती इलाके में है।
परिजनों ने बताया कि दूसरे बेटे तेजप्रताप कुशवाहा एनएसजी के कमांडो के रूप में वर्ष 2008- 09 में भर्ती हुए। वर्तमान में दिल्ली में तैनात हैं। एक बेटा व बेटी पत्नी के साथ दिल्ली में ही रहते हैं। तीन दिन पूर्व तक घर से फोन जाता था तो आसानी से बातचीत हो जाती थी, लेकिन बार्डर पर तनाव के बाद घर से फोन जाने के बाद बात नहीं हो पाती है।
उन्होंने जब समय मिलता है तो फोन करते है तब परिजनों से बातचीत होती है। पांचवे बेटे गोविंद कुशवाहा एयर डिफेंस में बतौर सैनिक के रुप में वर्ष 2016 में भर्ती हुए। पांच वर्ष कश्मीर में तैनाती के बाद अभी पंजाब के सीमावर्ती इलाके में तैनात हैं। पत्नी दो बच्चों के साथ अंबाला में रहती हैं। गोविंद से परिजनों की बात तनाव से पूर्व 24 घंटे में तीन से चार बार होती थी। अब सीमा पर तनाव के बाद जब उन्हें फुरसत मिल रहा है तो ही फोन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार शाम गोविंद का अपने छोटे भाई कुंदन से बातचीत हुई तो उन्होंने ने सीमा पर तनाव की बात बताई। शुक्रवार सुबह फिर परिजनों से बात हुई तो गोविंद ने बताया कि रात करीब आठ बजे से तीन बजे तक गोलीबारी होती रही।
सैनिक के पिता परशुराम कुशवाहा का कहना है मैं खुसनसीब हूं कि मेरे दोनों बेटे सेना के जवान है और मां भारती की सेवा कर रहे है। मां छठिया देवी कहती है तनाव की जानकारी के बाद रात में नींद नहीं आ रही है। दोनों बेटों की चिंता सता रही है अब आसानी से फोन से बात भी नहीं हो पा रही है। बावजूद इसके हमें अपने बेटों पर फक्र हैं कि देश की रक्षा के लिए बार्डर पर मुश्तैद हैं।