तमकुहीरोड। सेवरही थाना क्षेत्र के बंगरा दुमही गांव में वर्ष 2007 में महिला की हत्या हो गई थी। उसके बेटे नंदू शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर किया था। इस मुकदमे में विवेचक ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दिया। इसके बाद नंदू अपनी पूरी संपत्ती बेचकर फरार हो गया। मुकदमे का ट्राॅयल शुरू हुआ तो कोर्ट द्वारा बार-बार वादी को हाजिर होने के लिए नोटिस दिया जा रहा था। इसमें कई बार पुलिस भी कोर्ट में तलब हो चुकी थी। आठ साल से पुलिस वादी को ढूंढ़ रही थी।
कोर्ट ने अंतिम मौका दिया था, नहीं तो हत्यारोपी की सजा नहीं होती। पुलिस ने बृहस्पतिवार को देवरिया जिले से वादी नंदू को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। महिला की हत्या मामले में उसके बेटे के तहरीर पर हत्यारोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया था। उसके बाद वादी बेटा अपनी पैतृक संपत्ती बेचकर फरार हो गया था। इससे मुकदमे से जुड़ी कार्यवाही प्रभावित हो रही थी।
आठ साल से फरार चल रहे वादी पुत्र को सेवरही पुलिस ने बृहस्पतिवार को देवरिया से गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर किया। बंगरा दुमही गांव में वर्ष 2007 में श्रृंगारी देवी पत्नी चंद्रिका शर्मा की हत्या हो गई थी। इसमें हत्या का आरोप गांव के ही रोशन आलम उर्फ भुट्टू पर लगा था। बेटे की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। मुकदमा दर्ज कराने के कुछ दिन माह बाद वादी नंदू शर्मा अपने गांव की संपत्ती बेचकर गायब हो गया।
इसी बीच मुकदमे का ट्रायल भी शुरू हो गया और कोर्ट से बार बार वादी के गांव के पते पर समन कोर्ट से आने लगा। ताकि उसका बयान दर्ज होने के बाद मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ाई जाए। सेवरही पुलिस समन लेकर जब भी उसके गांव जाती थी, उसका पता नहीं चलता और न ही समन का तामील हो रहा था, क्योंकि गांव वाले उसके बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ थे। इसे लेकर जहां पुलिस परेशान थी, वही न्यायालय की कार्रवाई भी प्रभावित होने लगा था। इसके लिए पुलिस भी कई बार कोर्ट में तलब हो चुकी थी।
पुलिस नंदू को कोर्ट में हाजिर करने के लिए पुलिस को अंतिम मौका दिया था। सेवरही पुलिस आठ साल बाद वादी नंदू शर्मा का सुराग लगाने में सफल हुई। बृहस्पतिवार को पुलिस ने उसे देवरिया के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के श्यामपुर मुसहरी गांव से गिरफ्तार का कोर्ट में पेश किया, पुलिस की जांच में पता चला कि मां की हत्या के बाद नंदू अपनी संपत्ती बेचकर गायब हो गया, कुछ साल पूर्व वह अपनी पहली पत्नी को छोड़कर दूसरी शादी कर लार थाना क्षेत्र के एक गांव में रहकर बढ़ई का कार्य करता था। अगर पुलिस उसको गिरफ्तार कर कोर्ट में बयान नहीं कराई होती तो इस मुकदमे हत्यारोपी को सजा नहीं होती।