एक साथ 38 अल्ट्रासाउंड सेंटरों की हुई जांच
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पडरौना। जनपद के अधिकारियों और डॉक्टरों की संयुक्त टीमों ने सोमवार को वृहद स्तर पर अभियान चलाकर 38 अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच की। जांच के दौरान कई अल्ट्रासाउंड सेंटरों में कमियां पाई गईं। जो सेंटर बंद थे, उन्हें सील कर दिया गया।
जनपद में राजकीय एवं निजी तौर पर संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों की सोमवार को जांच करने के लिए तहसील स्तर पर एसडीएम और डॉक्टरों की दो-दो सदस्यीय टीमें बनाई गई थीं, जबकि अन्य क्षेत्रों में अन्य अधिकारी और डॉक्टर टीम में शामिल थे। पडरौना में एसडीएम सदर गणेश प्रसाद सिंह ने डॉ. आफताब के साथ मिलकर नगर के कसया रोड स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच की। एसडीएम ने जांच रिपोर्ट एडीएम को भेज दी। इसके अलावा रामकोला रोड, कसया रोड, खिरिया टोला, बेलवा चुंगी, मेन बाजार, आवास विकास कॉलोनी और दरबार रोड के निकट स्थित कुल सात अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच की गई। एसडीएम सदर गणेश प्रसाद सिंह ने बताया कि उन्हें अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच करने का निर्देश डीएम की तरफ से मिला था, वहां सब कुछ ठीक पाया गया। गर्भवती महिलाओं की जांच से संबंधित रजिस्टर मिली, जिस पर दर्ज फोन नंबर पर कॉल कर इसका सत्यापन भी किया गया।
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम विपिन कुमार सिंह और बीडीओ अरुण कुमार की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने तमकुहीराज में संचालित दो अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच की। निरीक्षण के समय एक अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद मिला, जबकि दूसरे अल्ट्रासाउंड सेंटर पर उपलब्ध कागजात अपूर्ण थे। अधिकारियों ने दोनों दुकानें सील कर दीं। जांच की सूचना मिलने पर अफसरों और कर्मचारियों में खलबली मची रही।
हाटा प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम और तहसीलदार की अगुवाई में दो अलग-अलग टीमों ने कस्बे में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच की। एक सेंटर पर कागजात ठीक नहीं मिलने पर टीम ने उसे सील कर दिया। एसडीएम अजय नारायण सिंह की अगुवाई में एक टीम हाटा कस्बे में स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर जांच करने पहुंची। टीम के पहुंचते ही वहां अफरातफरी मच गई। टीम ने जब संचालक से सेंटर से संबंधित कागजात मांगे तो वह कोई वैध कागजात नहीं दिखा सके। सेंटर के निरीक्षण में यह भी पाया गया गया कि वहां अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ-साथ एक्सरे मशीन भी लगाई गई थी। हालांकि संचालक का कहना था कि एक्सरे मशीन चलती नहीं है, लेकिन टीम ने उसे नियम के विरुद्ध बताया। अल्ट्रासाउंड से संबंधित कागजात भी संचालक के पास नहीं थे। इस पर टीम ने उस सेंटर को सील कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। तहसीलदार हरिश्चंद्र त्रिपाठी की अगुवाई में गठित दूसरी टीम ने पीएचसी के पास स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच की। यहां टीम कागजात चेक कर सेंटर का निरीक्षण कर वापस लौट गई। एसडीएम अजय नारायण सिंह ने बताया कि वैध कागजातों के अभाव में एक सेंटर को सील कर दिया गया है।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार डिप्टी सीएमओ डॉ. ताहिर अली और एक अन्य डॉक्टर ने सेवरही के सीसी रोड पर स्थित एक जगह अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच की। डॉक्टर न होते हुए भी उसके नाम का बोर्ड लगाए जाने के कारण टीम ने उसे सील कर दिया।
इसी तरह जनपद के अन्य क्षेत्रों में स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटरों की भी जांच की गई। जहां के संचालक अथवा डॉक्टर नहीं थे या फिर अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद मिले, उन्हें सील कर दिया गया। इस संबंध में एडीएम कृष्णलाल तिवारी का कहना था कि जिले भर में कुल 38 अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच कराई गई। रिपोर्ट आ गई है। कार्रवाई के लिए डीएम के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।